फतेहपुर | बिहार के गया जिले से एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ अंधविश्वास की आग ने एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला की जान ले ली। फतेहपुर थाना क्षेत्र के नावनगर महादलित टोला में सोमवार की आधी रात अपराधियों के एक गिरोह ने खूनी खेल खेलते हुए एक वृद्धा को मौत के घाट उतार दिया और दूसरी महिला को अधमरा कर छोड़ दिया।
आधी रात को ‘मौत’ बनकर आए अपराधी
परिजनों के अनुसार, घटना रविवार देर रात की है जब 70 वर्षीय बुल्की देवी अपने घर के बाहर खटिया पर सो रही थीं। तभी अचानक दर्जन भर की संख्या में आए अपराधियों ने उन पर हमला बोल दिया। दरिंदगी की हद पार करते हुए अपराधी बुल्की देवी को खटिया से घसीटते हुए कुछ दूर ले गए और फिर ईंट-पत्थरों से कूच-कूचकर उनकी निर्मम हत्या कर दी।
अंधविश्वास का खूनी तांडव: ‘डायन’ बताकर किया हमला
मृतक के परिजनों ने बताया कि हमलावर बुल्की देवी पर ‘डायन’ होने का आरोप लगा रहे थे। अपराधियों का दावा था कि महिला ने तंत्र-विद्या और जादू-टोना करके उनके परिवार के सदस्यों को बीमार कर दिया है। इसी सनक में उन्होंने न सिर्फ बुल्की देवी की जान ली, बल्कि बगल के घर में सो रही एक अन्य महिला को भी निशाना बनाया। दूसरी महिला की हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए गया रेफर कर दिया गया है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
घटना की सूचना मिलते ही वजीरगंज कैंप डीएसपी सुनील कुमार पांडे दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
“मृतक के परिजनों ने 11 नामजद लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस वैज्ञानिक अनुसंधान (FSL) और अन्य तकनीकी संसाधनों की मदद से मामले की तहकीकात कर रही है। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”
— सुनील कुमार पांडे, डीएसपी, वजीरगंज कैंप
फरार आरोपियों की तलाश तेज
इस जघन्य हत्याकांड के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। सभी आरोपी गांव छोड़कर फरार हैं। पुलिस जगह-जगह छापेमारी कर रही है। सवाल अब भी वही है कि आखिर 21वीं सदी में भी अंधविश्वास की जड़ें इतनी गहरी क्यों हैं कि किसी की जान लेना आम बात हो गई है?









