कोलकाता में आयोजित कालकता आर्ट हट का रविवार को भव्य समापन हो गया। बोंगो शिल्पो सोसाइटी द्वारा आयोजित इस चार दिवसीय अखिल भारतीय कला प्रदर्शनी में देशभर के कलाकारों की उत्कृष्ट कलाकृतियों ने कला प्रेमियों को खासा आकर्षित किया।
प्रदर्शनी का उद्घाटन मशहूर अभिनेत्री पापिया अधिकारी, कलाकार देबाशीष मल्लिक चौधरी, अनजान भट्टाचार्य, समीर सरकार तथा गायिका कौशिक चक्रवर्ती ने बोंगो शिल्पो सोसाइटी के संयोजक शुभोमय प्रमाणिक एवं बैदूरज्या परिया की उपस्थिति में किया।

आईसीसीआर नंदलाल बोस कला दीर्घा में आयोजित इस प्रदर्शनी में पेंटिंग और फोटोग्राफी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। देशभर से पहुंचे सैकड़ों कलाकारों की कलाकृतियों के बीच बिहार के चर्चित छायाकार रूपक सिन्हा की चयनित तस्वीरों ने दर्शकों का खास ध्यान खींचा।


विशेष रूप से बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर महाबोधि मंदिर परिसर में खींची गई तस्वीरों को कला प्रेमियों और दर्शकों ने काफी सराहा। तस्वीरों में बौद्ध संस्कृति, आध्यात्मिक वातावरण और बिहार की ऐतिहासिक धरोहरों की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दी, जिसने प्रदर्शनी में आने वाले लोगों को गहराई से प्रभावित किया।
उल्लेखनीय है कि रूपक सिन्हा अपनी फोटोग्राफी के माध्यम से बिहार की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को देश-विदेश तक पहुंचाने का कार्य लगातार कर रहे हैं। उनकी तस्वीरें विभिन्न फोटो प्रदर्शनी और प्रकाशनों में सराही जा चुकी हैं। उन्हें फोटोग्राफी के क्षेत्र में कई पुरस्कार और सम्मान भी प्राप्त हो चुके हैं।
हाल ही में बिहार म्यूजियम में आयोजित उनकी फोटो प्रदर्शनी को भी दर्शकों और कला समीक्षकों ने काफी सराहना दी थी। कोलकाता की इस प्रतिष्ठित प्रदर्शनी में उनकी भागीदारी ने एक बार फिर बिहार की कला और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाई








