डीडीयू मंडल: भारतीय रेल में बिना टिकट और अनाधिकृत यात्रा करने वालों के खिलाफ पूर्व मध्य रेल के पंडित दीनदयाल उपाध्याय (DDU) मंडल ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में शुक्रवार को सासाराम-आरा रेलखंड पर एक बड़ा ‘मेगा टिकट जांच अभियान’ चलाया गया। इस सघन चेकिंग अभियान के दौरान रेलवे ने बिना उचित प्राधिकार के यात्रा कर रहे सैकड़ों यात्रियों को पकड़ा और उनसे लाखों रुपये का जुर्माना वसूला।
स्टेशनों से लेकर ट्रेनों तक रही सख्त नाकेबंदी
रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत सासाराम, बिक्रमगंज और पीरो स्टेशनों पर ‘फोर्ट्रेस चेकिंग’ (किलाबंदी जांच) की गई थी। इस दौरान टिकट जांच कर्मियों (TTE) और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की संयुक्त टीमों ने स्टेशनों के सभी संवेदनशील हिस्सों को घेर लिया।
प्लेटफॉर्म, फुट ओवर ब्रिज (पैदल उपरिगामी पुल), तथा स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वारों पर जवानों और चेकिंग स्टाफ की तैनाती की गई थी, जिससे बिना टिकट यात्रियों को भागने का कोई मौका नहीं मिला। स्टेशनों के साथ-साथ इस रूट से गुजरने वाली विभिन्न ट्रेनों के भीतर भी आरपीएफ की मौजूदगी में सघन तलाशी ली गई।
आंकड़े: 482 यात्री हत्थे चढ़े, वसूला भारी राजस्व
दिनभर चले इस मैराथन अभियान के दौरान कुल 482 यात्री बिना टिकट या गलत टिकट (बिना उचित प्राधिकार) के सफर करते हुए पकड़े गए। रेलवे ने इन सभी यात्रियों पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए कुल ₹1,92,815 (एक लाख बाइवे हजार आठ सौ पंद्रह रुपये) का राजस्व जुर्माने के रूप में वसूला।
रेल प्रशासन की अपील: “बिना टिकट यात्रा करना रेलवे अधिनियम के तहत एक दंडनीय अपराध है। यात्री हमेशा सम्मानपूर्वक और उचित टिकट लेकर ही सफर करें। वर्तमान में टिकट काउंटर के अलावा यूटीएस (UTS) मोबाइल ऐप, स्वचालित टिकट वेंडिंग मशीन (ATVM) और अन्य डिजिटल माध्यमों से टिकट लेना बेहद आसान है।”
आगे भी जारी रहेगा अभियान
डीडीयू रेल मंडल के अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के अभियानों का उद्देश्य केवल राजस्व कमाना नहीं, बल्कि वैध टिकट लेकर चलने वाले यात्रियों के सफर को आरामदायक बनाना और अनाधिकृत यात्रियों पर अंकुश लगाना है। रेलवे ने साफ किया है कि यात्रियों में जागरूकता पैदा करने और बिना टिकट यात्रा की आदत पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए आने वाले दिनों में भी ऐसे ‘सरप्राइज चेकिंग’ अभियान निरंतर जारी रहेंगे।








