बिहार के गया जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। हसरा पंचायत के सलैयाकला गांव में अंधविश्वास और दबंगई का नंगा नाच देखने को मिला, जहां एक 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला को ‘डायन’ कहकर सरेआम पीटा गया। दबंगों ने बीच-बचाव करने आए उनके बेटे और गर्भवती बहू को भी नहीं बख्शा। इस खौफनाक घटना के 6 दिन बीत जाने के बाद भी फतेहपुर थाना पुलिस ने प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की है। पुलिस के इस संवेदनहीन और ढुलमुल रवैये से निराश होकर पीड़िता ने आज मगध रेंज के महानिरीक्षक (IG) विकास वैभव को लिखित शिकायत सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।
क्रूरता की हदें पार: गर्भवती महिला के पेट पर मारे मुक्के, घर किया क्षतिग्रस्त

आईजी को दिए गए आवेदन के अनुसार, यह पूरी घटना 27 जुलाई 2026 की शाम करीब 5 बजे की है। पीड़िता सोना देवी अपने घर पर मौजूद थीं, तभी गांव के ही कृष्णा चौधरी अपने बेटों जितेन्द्र, पिन्टु, महेन्द्र और बहू पिंकी देवी के साथ लाठी-डंडों व पत्थरों से लैस होकर आ धमके। कृष्णा चौधरी ने बुजुर्ग महिला को ‘डायन’ कहते हुए बाल पकड़कर घर से बाहर घसीटा और जान से मारने की नीयत से लाठियों से ताबड़तोड़ प्रहार किया।
जब पीड़िता का बेटा शंकर और बड़ी बहू रजनी उन्हें बचाने आए, तो आरोपियों ने उन्हें भी सरेआम अपमानित करते हुए पीटा। पिन्टु चौधरी ने शंकर का गला दबाकर हत्या का प्रयास किया और गले से सोने का ताबीज छीन लिया। क्रूरता की सारी हदें तब पार हो गईं, जब दबंगों ने पीड़िता की 21 वर्षीय गर्भवती छोटी बहू आरती देवी के बाल खींचे और उसके पेट पर मुक्के मारे। इस अमानवीय हमले से गर्भवती महिला की स्थिति गंभीर बनी हुई है। जाते-जाते आरोपियों ने पीड़िता के खपरैल मकान पर ईंट-पत्थरों से हमला कर उसे पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।
मूकदर्शक बनी पुलिस: थाना प्रभारी बना रहे शिकायत वापस लेने का दबाव
इस बर्बर घटना के बाद न्याय की आस में पीड़िता ने सबसे पहले फतेहपुर थाने का दरवाजा खटखटाया और नामजद आवेदन के साथ घटना के वीडियो साक्ष्य भी सौंपे। लेकिन रक्षक की भूमिका निभाने वाली पुलिस ही मूकदर्शक बन गई। पीड़िता का आरोप है कि फतेहपुर थाना प्रभारी द्वारा लगातार मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया जा रहा है। थाना प्रभारी उल्टे पीड़िता पर ही दबाव बनाते हुए कह रहे हैं कि “तुम कहाँ फँस रही हो, अपना नाम आवेदन से हटा दो, तब कार्रवाई करेंगे।” पुलिस की इस संवेदनहीन कार्यप्रणाली ने पीड़ित परिवार को पूरी तरह तोड़ कर रख दिया था।
मगध रेंज IG विकास वैभव से जगी न्याय की उम्मीद

स्थानीय पुलिस की इस घोर लापरवाही के बाद, पीड़िता सोना देवी ने हार नहीं मानी और आज सीधे मगध रेंज के आईजी विकास वैभव के कार्यालय पहुंच गईं। उन्होंने आईजी को घटना की पूरी जानकारी देते हुए नामजद आरोपियों की सूची, पुलिस की टालमटोल का ब्यौरा और घटना से जुड़े सभी वीडियो साक्ष्य सौंपे हैं। आईजी विकास वैभव की सख्त और न्यायप्रिय छवि को देखते हुए पीड़ित परिवार को अब त्वरित और कड़ी कार्रवाई की पूरी उम्मीद है।
खौफ के साये में जीने को मजबूर है पीड़ित परिवार
वर्तमान स्थिति यह है कि नामजद आरोपी गांव में खुलेआम घूम रहे हैं और पीड़िता को ‘डायन’ बताकर समाज में उनका बहिष्कार कराने का षड्यंत्र रच रहे हैं। दबंगों द्वारा गांव के अन्य लोगों को भी परिवार के खिलाफ उकसाया जा रहा है। पूरा परिवार मानसिक रूप से बुरी तरह प्रताड़ित है और खौफ के साये में जी रहा है। पीड़िता ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में उनके परिवार के साथ कोई भी अनहोनी होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी इन्हीं आरोपियों की होगी।
अब पूरे इलाके की निगाहें आईजी विकास वैभव के अगले कदम पर टिकी हैं, जिनसे ‘डायन प्रथा’ जैसे जघन्य अपराध और पुलिसिया लापरवाही पर कड़े प्रहार की उम्मीद की जा रही है।







