फतेहपुर (संवाददाता): गया जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र के राघवाचक गांव में पिछले कुछ दिनों से एक पागल सांड ने भारी आतंक मचा रखा है। रविवाद शाम को इस बेकाबू सांड ने एक ६५ वर्षीय बुजुर्ग पर जानलेवा हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में डर और आक्रोश का माहौल है।
रविवार शाम को हुई हृदयविदारक घटना

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान रघवाचक गांव निवासी 65 वर्षीय पूना महतो के रूप में की गई है। रविवार की शाम को जब पूना महतो अपने काम से जा रहे थे, तभी अचानक इस पागल सांड ने उन पर हमला कर दिया। सांड ने बुजुर्ग को जमीन पर पटक-पटक कर बुरी तरह जख्मी कर दिया, जिससे मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई।
डेढ़ महीने में आधा दर्जन से अधिक लोगों को बना चुका है शिकार
यह कोई पहली घटना नहीं है। ठीक एक दिन पहले भी इसी सांड ने गांव के एक अन्य बुजुर्ग पर हमला कर उनका हाथ तोड़ दिया था। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले करीब डेढ़ महीने के भीतर यह बेकाबू सांड आधा दर्जन से अधिक लोगों को मारकर गंभीर रूप से जख्मी कर चुका है। सांड के इस लगातार बढ़ते आतंक के कारण ग्रामीणों का घर से निकलना दुश्वार हो गया है। लोग खेतों में जाने और बच्चों को बाहर भेजने से कतरा रहे हैं।
जंगल में छोड़े जाने के बाद भी लौट आया सांड
ग्रामीणों ने बताया कि सांड का आतंक बढ़ने पर कुछ समय पहले गांव वालों ने एकजुट होकर उसे कड़ी मशक्कत के बाद पकड़ा था। इसके बाद उसे एक पिकअप वाहन पर लाद कर पड़ोसी राज्य झारखंड के कठम्बा जंगल में छोड़ दिया गया था। लेकिन, कुछ ही दिनों बाद वह सांड रहस्यमयी तरीके से वापस राघवाचक गांव लौट आया और पहले से कहीं अधिक आक्रामक होकर लोगों को निशाना बनाने लगा।
प्रशासन को अब तक नहीं दी गई सूचना
हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी घटना होने और एक ग्रामीण की जान चले जाने के बावजूद, स्थानीय पुलिस या वन विभाग के प्रशासन को इस मामले की आधिकारिक सूचना नहीं दी गई है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भ्रम और भय की स्थिति बनी हुई है कि इस समस्या से कैसे निपटा जाए।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही इस पागल सांड को पकड़ने या उसे किसी सुरक्षित स्थान भेजने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं चलाया, तो आने वाले दिनों में जान-माल का नुकसान और बढ़ सकता है।







