चाकंद: बिहार के गया जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां पसीने की कमाई मांगना एक मजदूर के लिए काल बन गया। चाकंद थाना क्षेत्र के पीर बिगहा गांव में महज 300 रुपये के बकाया भुगतान को लेकर हुए विवाद में 30 वर्षीय पेंटर इरफान शाह की जान चली गई। इस घटना के बाद इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, पीर बिगहा निवासी इरफान शाह गांव के ही एक स्थानीय ठेकेदार मुन्ना साह के पास पेंटर का काम करता था। बताया जा रहा है कि इरफान की मजदूरी के 300 रुपये ठेकेदार के पास बकाया थे। मंगलवार की रात करीब 9 बजे जब इरफान अपनी मेहनत की कमाई मांगने ठेकेदार के घर पहुंचा, तो वहां कहासुनी शुरू हो गई।
ईंट-पत्थर और लाठी-डंडों से किया हमला
मृतक के परिजनों का आरोप है कि पैसे देने के बजाय ठेकेदार मुन्ना साह और उसके परिवार के सदस्यों ने इरफान पर हमला कर दिया। विवाद इतना बढ़ा कि आरोपियों ने उस पर ईंट-पत्थर और लाठी-डंडों से प्रहार करना शुरू कर दिया। हमले में इरफान बुरी तरह घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा।
स्थानीय लोगों की मदद से उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चोटें इतनी गंभीर थीं कि मगध मेडिकल कॉलेज (ANMMCH) में इलाज के दौरान बुधवार को उसने दम तोड़ दिया।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस एक्शन में आ गई है। चाकंद थानाध्यक्ष शिवम कुमार ने बताया कि परिजनों के बयान के आधार पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। शुरुआती जांच में विवाद की वजह मजदूरी के पैसे ही सामने आए हैं। पुलिस की टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
डीएसपी ने दिया न्याय का भरोसा
मामले की गंभीरता को देखते हुए विधि-व्यवस्था डीएसपी रवि प्रकाश सिंह ने भी घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें त्वरित न्याय का आश्वासन दिया। डीएसपी ने स्पष्ट कहा कि कानून को हाथ में लेने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।








