गया/धनबाद: गया जिले के शातिर अपराधियों द्वारा झारखंड के धनबाद में एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने का मामला प्रकाश में आया है। धनबाद की सरायढेला थाना पुलिस ने गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है, जो गया के फतेहपुर का रहने वाला है। यह गिरोह एटीएम मशीन में फेवीक्विक डालकर कार्ड फंसा लेता था और फिर मदद के नाम पर ग्राहकों को चूना लगाता था।
संदिग्ध हेल्पलाइन नंबर ने खोला ठगी का राज
सरायढेला थाना के एएसआई लक्ष्मी नारायण महतो शुक्रवार शाम गश्त पर थे, तभी उनकी नजर बिग बाजार के पास स्थित एसबीआई एटीएम पर चिपके एक संदिग्ध हेल्पलाइन नंबर पर पड़ी। पुलिस को अंदेशा हुआ और उन्होंने एटीएम की निगरानी शुरू कर दी। इसी दौरान वहां चार युवक पहुंचे, जो पुलिस को देखते ही भागने लगे। पुलिस ने खदेड़कर एक युवक को पकड़ लिया, जिसकी पहचान चंदन कुमार (मखदुमपुर, फतेहपुर, गया) के रूप में हुई। उसके तीन अन्य साथी सुमित सिंह, मंटू सिंह और कारू (सभी निवासी फतेहपुर) मौके से फरार हो गए।
कार्ड फंसाकर ग्राहक को जाल में उलझाते थे अपराधी
गिरफ्तार आरोपी चंदन ने पूछताछ में बताया कि वे लोग एटीएम के कार्ड स्लॉट में पहले ही फेवीक्विक डाल देते थे, जिससे किसी भी ग्राहक का कार्ड मशीन में फंस जाता था। इसके बाद अपराधी वहां अपना एक फर्जी हेल्पलाइन नंबर साट देते थे। कार्ड फंसने से परेशान ग्राहक जब उस नंबर पर फोन करता, तो गिरोह का ही एक सदस्य खुद को बैंक अधिकारी बताकर वहां पहुंच जाता था।
बातों में उलझाकर पिन हासिल करना और कार्ड बदलना
मदद करने के बहाने वह शातिर अपराधी ग्राहक को अपनी बातों में उलझा लेता और किसी तरह उसका एटीएम पिन हासिल कर लेता था। इसके बाद वह फंसे हुए एटीएम को बाहर निकालता और पलक झपकते ही उसे दूसरे फर्जी कार्ड से बदल देता था। असली कार्ड और पिन हाथ लगते ही गिरोह के सदस्य खाते से सारी रकम गायब कर देते थे। धनबाद पुलिस ने चारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है और फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
रिपोर्ट: अंकित कुमार ,धनबाद






