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राजगीर की पहाड़ियों में हवा से बातें करेंगे पर्यटक: देश के पहले ‘क्लिफ वॉक’ से बिहार रचेगा नया इतिहास

On: Monday, April 27, 2026 8:34 AM

राजगीर (मगध लाइव न्यूज)। बिहार की ऐतिहासिक धरती राजगीर अब केवल अपने गौरवशाली अतीत के लिए ही नहीं, बल्कि आधुनिक साहसिक पर्यटन के वैश्विक केंद्र के रूप में अपनी पहचान पुख्ता करने जा रही है। राजगीर की वादियों में ग्लास स्काई वॉक और नेचर सफारी की अपार सफलता ने जहाँ देशभर के पर्यटकों को अपनी ओर खींचा है, वहीं अब बिहार सरकार यहाँ देश का पहला ‘क्लिफ वॉक’ बनाने की तैयारी में है। जेठियन की ऊंची और दुर्गम पहाड़ियों के सीने पर बनने वाला यह रास्ता न केवल रोमांच की नई परिभाषा लिखेगा, बल्कि बिहार के पर्यटन को एक ऐसी ऊंचाई पर ले जाएगा जहाँ अब तक कोई भारतीय राज्य नहीं पहुँच सका है।

खड़ी चट्टानों पर दिखेगा इंजीनियरिंग का अद्भुत करिश्मा

क्लिफ वॉक का सीधा अर्थ है पहाड़ियों की एकदम सीधी ढलान या चट्टानों के किनारों पर बना हुआ रास्ता। राजगीर में प्रस्तावित यह मार्ग लगभग 100 मीटर लंबा होगा, जिसे आधुनिक इंजीनियरिंग के सबसे उन्नत मानकों के साथ तैयार किया जाएगा। यह मार्ग जेठियन की उन पहाड़ियों पर बनाया जा रहा है जो अपनी ऊंचाई और सीधी ढलान के लिए जानी जाती हैं। इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह मार्ग चट्टान के अंदर नहीं, बल्कि उसके बाहरी हिस्से पर लटका हुआ महसूस होगा। इस पर चलते समय पर्यटकों को ऐसा अहसास होगा मानो वे बादलों के बीच और गहरी घाटियों के ऊपर तैर रहे हों। यह अनुभव इतना रोमांचक होगा कि यह कमजोर दिल वालों के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।

ग्लास ब्रिज से भी ज्यादा रोमांचक होगा सफर

राजगीर का ग्लास स्काई वॉक पहले से ही पर्यटकों की पहली पसंद बना हुआ है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाला क्लिफ वॉक रोमांच के मामले में उसे भी पीछे छोड़ देगा। जहाँ ग्लास ब्रिज एक निश्चित ढांचे पर टिका है, वहीं क्लिफ वॉक प्रकृति के साथ सीधे जुड़ाव का अनुभव कराएगा। इसके एक तरफ आसमान छूती पहाड़ियां होंगी और दूसरी तरफ हजारों फीट गहरी खाई। इस मार्ग को पारदर्शी और उच्च शक्ति वाले मैटेरियल से बनाया जाएगा ताकि नीचे का दृश्य पूरी तरह स्पष्ट दिखाई दे। प्रशासनिक स्तर पर इसकी विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर ली गई है और जल्द ही धरातल पर इसका निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।

पर्यटन के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को लगेंगे पंख

इस परियोजना का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि राजगीर को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर एक अनिवार्य गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। मगध क्षेत्र के लिए यह गौरव की बात है कि देश का पहला ऐसा प्रयोग यहाँ की धरती पर हो रहा है। इस क्लिफ वॉक के शुरू होने से गया, नालंदा और नवादा जैसे पड़ोसी जिलों में भी पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी। स्थानीय युवाओं के लिए गाइड, सुरक्षा कर्मी और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में रोजगार के सैकड़ों नए अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप राजगीर को एक ‘इको-टूरिज्म हब’ बनाने की दिशा में यह सबसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सुरक्षा के होंगे अभेद्य इंतजाम और अंतरराष्ट्रीय मानक

चूंकि यह प्रोजेक्ट अत्यंत साहसिक श्रेणी में आता है, इसलिए सरकार सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं कर रही है। निर्माण के लिए उपयोग किए जाने वाले स्टील, कांच और कंक्रीट की जांच अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रयोगशालाओं में की जा रही है। पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पूरे मार्ग पर आधुनिक रैलिंग, निरंतर सीसीटीवी निगरानी और आपातकालीन रेस्क्यू सिस्टम तैनात रहेंगे। भूगर्भीय विशेषज्ञों की टीम ने चट्टानों की मजबूती का गहन अध्ययन किया है ताकि किसी भी मौसमी परिस्थिति में यह मार्ग पूरी तरह सुरक्षित रहे।

मगध की विरासत और आधुनिकता का अनूठा संगम

राजगीर की यह वादियाँ भगवान बुद्ध और महावीर की स्मृतियों से जुड़ी हैं। यहाँ आने वाले पर्यटक अब शांति और अध्यात्म के साथ-साथ एड्रेनालाईन रश (Adrenaline Rush) का भी अनुभव कर सकेंगे। जेठियन मार्ग पर बनने वाला यह क्लिफ वॉक न केवल बिहार के लोगों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह उन विदेशी पर्यटकों के लिए भी एक बड़ा आकर्षण होगा जो अब तक ऐसे रोमांच के लिए चीन या यूरोपीय देशों का रुख करते थे। आने वाले समय में मगध लाइव न्यूज आपको इस परियोजना की हर छोटी-बड़ी अपडेट से रूबरू कराता रहेगा, क्योंकि राजगीर अब एक नए युग की दहलीज पर खड़ा है।

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