मगध अपडेट बिहार राजनीति क्राइम शिक्षा खेल नौकरी धर्म

गया के लाल मेजर आशीष कुमार को राष्ट्रपति ने दिया ‘शौर्य चक्र’, कोंच सहित पूरे मगध में जश्न का माहौल

On: Tuesday, June 9, 2026 6:32 PM

रिपोर्ट: महताब अंसारी , कोंच संवाददाता

गया: बिहार के गया जिले के लिए एक बेहद गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक खबर सामने आई है। जिले के कोंच बाजार निवासी मेजर आशीष कुमार को उनकी अदम्य वीरता, अद्वितीय साहस और उत्कृष्ट सैन्य नेतृत्व के लिए देश के प्रतिष्ठित वीरता पुरस्कार ‘शौर्य चक्र’ (Shaurya Chakra) से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली में आयोजित भव्य रक्षा अलंकरण समारोह-2026 (फेज-1) में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मेजर आशीष कुमार को इस राजकीय सम्मान से नवाजा। जैसे ही महामहिम राष्ट्रपति के हाथों मेजर आशीष को यह मेडल मिला, वैसे ही उनके गृह क्षेत्र कोंच सहित पूरे मगध संभाग में खुशी और गर्व की लहर दौड़ गई।

अनंतनाग एनकाउंटर में दिखाया था अदम्य साहस

मात्र 29 वर्ष की आयु में देश का नाम रोशन करने वाले मेजर आशीष कुमार भारतीय सेना की सबसे घातक और प्रतिष्ठित 7 पैरा (स्पेशल फोर्सेस) में तैनात हैं। नवंबर 2024 में जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में हुए एक बड़े आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन के दौरान उन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए असाधारण वीरता का परिचय दिया था। उस बेहद संवेदनशील मिशन में मेजर आशीष ने अपनी टीम, स्नाइपर दस्तों और सहायक हथियारों के बीच ऐसा सटीक तालमेल बिठाया कि दुश्मन के पैर उखड़ गए। उनके इसी आक्रामक और सूझबूझ भरे नेतृत्व के कारण सेना ने दो खूंखार आतंकवादियों को मार गिराया और बिना किसी नुकसान के इस बड़े ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

बचपन से था देशसेवा का जज्बा, परिवार में बधाई देने वालों का तांता

मेजर आशीष कुमार के पिता श्री देव शंकर प्रसाद और पूरे परिवार को इस ऐतिहासिक पल का बेसब्री से इंतजार था। शौर्य चक्र की खबर मिलते ही उनके पैतृक आवास पर उत्सव का माहौल बन गया। मेजर के छोटे भाई आकाश कुमार ने बताया कि पुरस्कार मिलने की आधिकारिक सूचना के बाद से ही घर में बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। भाई की पुरानी यादों को साझा करते हुए आकाश ने कहा कि आशीष में बचपन से ही देशसेवा की भावना कूट-कूट कर भरी थी। वे शुरू से ही शांत, अनुशासित और कड़ी मेहनत करने वाले स्वभाव के थे। पढ़ाई के साथ-साथ हर जिम्मेदारी को आगे बढ़कर उठाने की उनकी इसी आदत ने उन्हें भारतीय सेना में एक सफल अधिकारी बनने की प्रेरणा दी।

मगध के युवाओं के लिए रोल मॉडल बने मेजर आशीष

एक छोटे शहर और ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर राष्ट्रीय पटल पर अपनी बहादुरी का लोहा मनवाने वाले मेजर आशीष कुमार आज मगध के युवाओं के लिए एक बड़े रोल मॉडल बन चुके हैं। उनकी यह अभूतपूर्व सफलता इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण है कि यदि इरादे मजबूत हों, संकल्प अडिग हो और दिल में देश के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, तो संसाधन कभी आड़े नहीं आते। स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और युवाओं द्वारा उन्हें लगातार दी जा रही बधाइयां यह साफ बताती हैं कि यह गौरव सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे बिहार का है। ‘मगध लाइव’ की पूरी टीम की ओर से देश के इस जांबाज सपूत और उनके पूरे परिवार को सलाम और ढेरों शुभकामनाएं!

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment

📰 Latest:
गया पितृपक्ष मेला: एनएसएस स्वयंसेवकों ने किया फीडबैक सर्वे, नशा मुक्ति पर नुक्कड़ नाटक से दिया जागरूकता का संदेश | IIM बोधगया के चार प्रोफेसरों ने दुनिया में बजाया डंका, स्टैनफोर्ड की टॉप 2% वैज्ञानिकों की सूची में शामिल होकर बढ़ाया बिहार का मान | गया-डोभी मार्ग पर दर्दनाक हादसा: चाचा-भतीजे की मौत से बड़ैला गांव में पसरा मातम, परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़ | पटना में जामताड़ा गैंग के ‘साइबर बैंक’ का भंडाफोड़, 10 शातिर गिरफ्तार, ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा | बेलागंज में बेखौफ अपराधियों का तांडव: हथियार के बल पर बस स्टैंड एजेंट से लूट, इलाके में सनसनी | गया: फल्गु तट पर दिखा अद्भुत नजारा, तीर्थयात्रियों ने दीप जलाकर मनाई ‘पितृ दीपावली’ | डोभी चेकपोस्ट पर शराब की बड़ी खेप जब्त: जूट के बोरों के नीचे छिपाकर ले जा रहे थे 1440 लीटर शराब-बीयर, एक गिरफ्तार | ददरेजी बाजार में किन्नर समाज से मारपीट का आरोप, वाहन में तोड़फोड़; कई घायल | कोंच में बेखौफ चोरों का आतंक: रातों-रात आढ़त की दीवार तोड़कर घुसे, नकदी से भरा बक्सा ले उड़े | गया में हृदयविदारक हादसा: आहर में डूबीं 6 महिलाएं, 11 वर्षीय बालक ने जान पर खेलकर बचाई 4 की जान, दो की मौत |