फतेहपुर (गया): प्रखंड क्षेत्र के मंझयांवा गांव में मंगलवार देर शाम सर्पदंश (सांप के काटने) से एक 24 वर्षीय महिला की दर्दनाक मौत हो गई। मृतका की पहचान मंझयांवा निवासी रणजीत यादव की पत्नी प्रियंका कुमारी के रूप में हुई है। प्रियंका अपने पीछे एक मासूम बेटे और बेटी को छोड़ गई हैं। इस घटना के बाद से मृतका के मायके (रघवाचक) और ससुराल (मंझयांवा) दोनों गांवों में शोक की लहर दौड़ गई है। ग्रामीणों के मुताबिक, प्रियंका बेहद सुशील और मिलनसार स्वभाव की थीं।
अंधविश्वास और देरी बनी मौत का कारण
मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम प्रियंका घरेलू काम से घर से बाहर निकली थीं, इसी दौरान एक जहरीले सांप ने उन्हें डस लिया। सांप काटने के बाद परिजन सूझबूझ दिखाने के बजाय अंधविश्वास के जाल में फंस गए। वे आनन-फानन में प्रियंका को अस्पताल ले जाने के बजाय एक स्थानीय तांत्रिक (ओझा) के पास झाड़-फूंक के लिए ले गए।
करीब एक घंटे तक चले झाड़-फूंक के खेल के दौरान जहर प्रियंका के पूरे शरीर में फैल गया और उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। जब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो गई, तब परिजन उन्हें लेकर फतेहपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए तुरंत गया मगध मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, लेकिन दुर्भाग्यवश अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया।
अगर समय रहते झाड़-फूंक के बजाय डॉक्टर के पास ले जाया जाता, तो शायद प्रियंका की जान बचाई जा सकती थी।
जागरूकता संदेश: सांप काटने पर क्या करें और क्या न करें?
यह घटना एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में फैले अंधविश्वास और जागरूकता की कमी को उजागर करती है। सर्पदंश की स्थिति में ‘गोल्डन ऑवर’ (शुरुआती एक घंटा) सबसे महत्वपूर्ण होता है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, सांप काटने पर निम्नलिखित बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए:
क्या करें (तुरंत उठाएं ये कदम):
- शांत रहें और पीड़ित को ढांढस बंधाएं: घबराहट से दिल की धड़कन तेज होती है, जिससे जहर शरीर में तेजी से फैलता है।
- अस्पताल ले जाएं: बिना एक मिनट गंवाए पीड़ित को नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं, जहां एंटी-स्नेक वेनम (Anti-Snake Venom) उपलब्ध हो।
- अंग को स्थिर रखें: जिस अंग (हाथ या पैर) पर सांप ने काटा है, उसे जितना हो सके स्थिर रखें। उसे हिलाने-डुलाने से बचें।
- गहने/तंग कपड़े हटा दें: सूजन आने से पहले प्रभावित अंग से अंगूठी, चूड़ी, घड़ी या तंग कपड़े निकाल दें।
क्या न करें (भूलकर भी न करें ये गलतियां): - झाड़-फूंक से बचें: ओझा, गुणी या तांत्रिक के चक्कर में समय बर्बाद करना सीधे मौत को दावत देना है। सांप के जहर का एकमात्र इलाज सिर्फ एंटी-वेनम इंजेक्शन है।
- चीरा न लगाएं: घाव पर ब्लेड या चाकू से चीरा लगाने की गलती न करें, इससे संक्रमण फैल सकता है।
- जहर चूसने की कोशिश न करें: मुंह से जहर चूसने की बॉलीवुड फिल्मों वाली तकनीक बेहद खतरनाक है, इससे चूसने वाले की जान भी जा सकती है।
- कसकर पट्टी न बांधें (टूर्निकेट): घाव के ऊपर रस्सी या कपड़े को अत्यधिक कसकर न बांधें। इससे उस हिस्से में रक्त संचार पूरी तरह रुक सकता है और अंग सड़ सकता है। हल्की और चौड़ी पट्टी का इस्तेमाल किया जा सकता है।
नोट: भारत में पाए जाने वाले अधिकांश सांप जहरीले नहीं होते हैं, लेकिन जहरीले सांप के काटने पर केवल डॉक्टर ही जान बचा सकते हैं। अंधविश्वास छोड़ें, विज्ञान और चिकित्सा पर भरोसा करें।







