गया। बिहार के गया जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां बाराचट्टी विधानसभा क्षेत्र की विधायक ज्योति देवी के काफिले के साथ अभद्रता और धक्का-मुक्की की गई है। मोहनपुर थाना क्षेत्र के गंभीरा गांव में साइड देने के मामूली विवाद ने इतना तूल पकड़ लिया कि सड़क पर घंटों हाई-वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। हैरानी की बात यह रही कि इस पूरे हंगामे के दौरान स्थानीय पुलिस काफी देर तक मूकदर्शक बनी रही, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस मामले में विधायक की शिकायत पर 7 नामजद सहित 20 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार को विधायक ज्योति देवी बुमुआर पंचायत के गंभीरा गांव में ‘आदर्शी समाज’ द्वारा आयोजित एक सामाजिक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने जा रही थीं। इसी दौरान गांव की सड़क के बीचों-बीच एक सवारी गाड़ी ( वाहन संख्या: BR02M-2542) खड़ी थी, जिससे विधायक का काफिला रुक गया।
विधायक के सुरक्षाकर्मियों ने जब गाड़ी को रास्ते से हटाने का अनुरोध किया, तो वहां मौजूद कुछ असामाजिक तत्व और स्थानीय लोग उलझ गए। देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि लोगों ने सुरक्षाकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी।
विधायक के साथ भी हुई धक्का-मुक्की और अभद्रता
तनाव बढ़ता देख जब विधायक ज्योति देवी खुद मामले को शांत कराने के लिए अपनी गाड़ी से नीचे उतरीं, तो उपद्रवियों ने उनके साथ भी मर्यादा की सारी हदें पार कर दीं। विधायक ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि उपद्रवियों ने उनके साथ न सिर्फ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया, बल्कि उनके साथ धक्का-मुक्की भी की गई।
विधायक ज्योति देवी का बयान:”जब मैं स्थिति संभालने के लिए वाहन से उतरी तो मेरे साथ बदसलूकी की गई। इस पूरी घटना का वीडियो फुटेज हमारे पास मौजूद है, जिसे पुलिस को साक्ष्य के तौर पर सौंपा जा रहा है ताकि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो सके।”
इन लोगों पर दर्ज हुई नामजद FIR
घटना के बाद इलाके में भारी तनाव का माहौल बन गया। स्थानीय ग्रामीणों और कुछ अन्य जनप्रतिनिधियों के बीच-बचाव के बाद मामला शांत हुआ और विधायक का काफिला आगे बढ़ सका। इस मामले में मोहनपुर थाने में कुल 20 लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें 7 नामजद हैं इसके अलावा 13 अन्य अज्ञात लोगों पर भी केस दर्ज किया गया है।
पुलिस की कार्यशैली पर खड़े हुए गंभीर सवाल
इस पूरी घटना ने गया पुलिस की तत्परता और सुरक्षा दावों की पोल खोल कर रख दी है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सड़क पर काफी देर तक अफरा-तफरी और हंगामे की स्थिति बनी रही, लेकिन सूचना के बावजूद स्थानीय पुलिस समय पर नहीं पहुंची। जब मामला पूरी तरह बढ़ गया, तब जाकर पुलिस पदाधिकारी संजय कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
मोहनपुर थाना पुलिस ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा है कि विधायक के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस घटना के वीडियो फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।







