मगध अपडेट बिहार राजनीति क्राइम शिक्षा खेल नौकरी धर्म

ऑनलाइन कोचिंग से छात्रों का शैक्षणिक विनाश, सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं: रौशन कुमार

On: Thursday, March 12, 2026 8:16 PM

मानपुर (गया): डिजिटल शिक्षा के बढ़ते प्रभाव के बीच मानपुर स्थित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाली प्रमुख संस्था ‘मैथ गुरुकुल’ के संस्थापक रौशन कुमार ने ऑनलाइन कोचिंग और क्लास संस्कृति पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने शहर के जगजीवन कॉलेज के समीप आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि ऑनलाइन पढ़ाई के माध्यम से छात्रों का शैक्षणिक स्तर लगातार गिर रहा है।

अनुशासन और स्व-अध्ययन से दूर होते छात्र

रौशन कुमार ने स्पष्ट किया कि किसी भी बड़ी सफलता के लिए छात्रों में अनुशासन और स्व-अध्ययन सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ होते हैं। ऑनलाइन कोचिंग के कारण छात्र इन दोनों ही मूलभूत आवश्यकताओं से दूर होते जा रहे हैं, जिसका सीधा असर उनके बौद्धिक विकास पर पड़ रहा है। आज का छात्र स्क्रीन के सामने बैठकर केवल जानकारी बटोर रहा है, लेकिन वास्तविक ज्ञान और एकाग्रता खोता जा रहा है।

शिक्षा के व्यावसायीकरण और शॉर्टकट का मायाजाल

उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि आज कई अनुभवी शिक्षक भी आर्थिक लाभ के मोह में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का रुख कर रहे हैं। इन ऑनलाइन कक्षाओं में पढ़ाई से ज्यादा समय छात्रों को चिकनी-चुपड़ी बातों से रिझाने और सफलता के भ्रामक शॉर्टकट बताने में बिताया जाता है। रौशन कुमार के अनुसार सफलता का कोई भी शॉर्टकट नहीं होता और वास्तविक क्षमता केवल नियमित परिश्रम से ही विकसित होती है।

ऑनलाइन माध्यम में व्यक्तिगत मार्गदर्शन का अभाव

ऑनलाइन पढ़ाई की सबसे बड़ी कमी बताते हुए उन्होंने कहा कि इसमें शिक्षकों का छात्रों से कोई व्यक्तिगत जुड़ाव नहीं होता। शिक्षक यह जान ही नहीं पाते कि छात्र विषय को समझ पा रहे हैं या नहीं। इसके विपरीत ऑफलाइन कक्षाओं में एक समर्पित शिक्षक हर छात्र की क्षमता और उसके सीखने के स्तर को समझते हुए उसे सही दिशा में मार्गदर्शन दे सकता है।

मैथ गुरुकुल में बौद्धिक विकास और अनुशासन पर जोर

अपने संस्थान की कार्यप्रणाली पर चर्चा करते हुए रौशन कुमार ने बताया कि मैथ गुरुकुल में प्रत्येक छात्र को अपनी समस्याएं साझा करने का पर्याप्त अवसर मिलता है। यहाँ छात्रों को उनके बौद्धिक स्तर के अनुसार तैयार किया जाता है ताकि वे न केवल प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हों, बल्कि जीवन में एक अनुशासित और सभ्य इंसान भी बनें। उनका मानना है कि वास्तविक सफलता तभी मिलती है जब छात्र शिक्षक की देखरेख में नियमित रूप से कक्षा में पढ़ाई करें।

रिपोर्ट: संतोष कुमार

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment

📰 Latest:
गया में AI से मस्जिद उड़ाने का वीडियो बनाने और उन्माद फैलाने की कोशिश में आरोपी गिरफ्तार | भभुआ रोड स्टेशन पर 3 करोड़ के सोने की हाई-प्रोफाइल लूट का पर्दाफाश: खुद का कर्मचारी निकला मास्टरमाइंड, तीन गिरफ्तार | महाबोधि मंदिर में पूरी रात रोशन रहेगा मुख्य गुंबद, गया डीएम ने सौंदर्यीकरण और सुरक्षा पर दिए सख्त निर्देश | फतेहपुर झंडा चौक पर बड़ा हादसा टला, पश्चिम बंगाल के फेरीवाले की खड़ी मोपेड में लगी भीषण आग | एक पल की चूक पड़ सकती थी भारी, RPF जवान की बहादुरी ने गया जंक्शन पर महिला की बचाई जान | लौह पुरुष सरदार पटेल की 151वीं जयंती: डीडीयू मंडल में ‘रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन, डीआरएम ने दिलाई देश की अखंडता की शपथ | बेलागंज में बंद घर का ताला तोड़ लाखों की चोरी, नौ लाख से अधिक के सोने-चांदी के जेवरात ले उड़े चोर | धान खरीद में हेराफेरी अब नामुमकिन! गया DM ने लागू किया ऐसा हाई-टेक सिस्टम, बिचौलियों की उड़ी नींद | पीएम किसान की 24वीं किस्त जारी: गया में मंत्री जीतन राम मांझी का आह्वान- ‘खेत बचाओ अभियान’ से जैविक और व्यावसायिक खेती की ओर बढ़ें किसान  | ई-वेस्ट प्रबंधन से लेकर हरियाली तक: IIM बोधगया ने पेश की स्वच्छ और सुरक्षित शिक्षण परिसर की शानदार मिसाल |