खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही जिला प्रशासन सख्त, पीओएस मशीनें जब्त; किसानों से डीएपी की जगह मिश्रित उर्वरकों का इस्तेमाल करने की अपील।
न्यूज डेस्क: खरीफ मौसम की शुरुआत होते ही खेतों में हलचल बढ़ गई है, और इसी के साथ अन्नदाताओं के बीच यूरिया और अन्य खादों की मांग भी तेजी से बढ़ी है। किसानों की इसी जरूरत को देखते हुए जिला प्रशासन और कृषि विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। जिला कृषि पदाधिकारी ने किसानों को आश्वस्त करते हुए साफ किया है कि जिले में यूरिया सहित किसी भी अन्य खाद की कोई किल्लत नहीं है। उन्होंने कहा कि किसानों को सही कीमत पर और बिना किसी परेशानी के खाद मिले, इसके लिए विभाग लगातार जमीनी निगरानी रख रहा है। जमाखोरी या कालाबाजारी के जरिए किसानों को परेशान करने वाले दुकानदारों के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है।
गड़बड़ी करने वालों पर चला प्रशासन का डंडा
किसानों के हक पर डाका डालने वाले दुकानदारों को पकड़ने के लिए कृषि विभाग की टीमों द्वारा जिले भर में खादों का नियमित भौतिक सत्यापन (फिजिकल वेरिफिकेशन) किया जा रहा है। इसी दौरान किसानों से मिली शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए विभाग ने अधिक मूल्य पर खाद बेचने के आरोप में तीन प्रमुख प्रतिष्ठानों के लाइसेंस तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं। इनमें टिकारी के मेसर्स किशोरी इंटरप्राइजेज, नगर के मेसर्स किसान बीज भंडार और परैया के मेसर्स सोना ट्रेडर्स शामिल हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से खाद माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
कागजों पर खेल करने वाली 12 दुकानें हमेशा के लिए बंद
इसके साथ ही प्रशासन ने उन दुकानदारों को भी रडार पर लिया जो खाद के लाइसेंस की आड़ में पिछले छह महीनों से कोई दूसरा ही व्यापार चमका रहे थे और खाद वितरण के काम में ढिलाई बरत रहे थे। ऐसे कुल 12 प्रतिष्ठानों की पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीनें जब्त करते हुए उनके उर्वरक अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) को हमेशा के लिए रद्द कर दिया गया है।
लाइसेंस खोने वाले इन प्रतिष्ठानों में बेलागंज प्रखंड के पासवान खाद भंडार (प्रोपराइटर: राज किशोर कुमार) और बालाजी कृषि केन्द्र (प्रोपराइटर: मधुकर आनन्द) शामिल हैं। इसके अलावा बोधगया के श्री सत्या ट्रेडर्स (सत्यदेव प्रकाश), डोभी के माँ इंटरप्राइजेज (हमिद रजा), खिजरसराय के अजीत ट्रेडर्स (अजीत कुमार), टनकुप्पा के कमलेश खाद भंडार (राधेकांत केशरी) और इमामगंज प्रखंड के संतोष इंटरप्राइजेज (संतोष कुमार) व राय ट्रेडर्स (शैलेन्द्र कुमार राय) पर भी यह गाज गिरी है। वहीं गुरारु के अंकित राज (अंकित राज), बांके बाजार की बांके बाजार महिला विकास प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (प्रतिमा कुमारी), मोहनपुर के कौशल्या इंटरप्राइजेज (मनोज कुमार) और फतेहपुर के हरिहर ट्रेडर्स (अनुज कुमार वर्मा) का भी लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है।
जिले में खाद का पर्याप्त स्टॉक, डीएपी के विकल्पों पर दें ध्यान
जिला कृषि पदाधिकारी ने किसानों की चिंता दूर करते हुए जिले में मौजूद खाद के स्टॉक के आंकड़े भी साझा किए हैं, ताकि किसी भी तरह की अफवाहों पर विराम लग सके। वर्तमान में जिले के पास 12,991.325 मीट्रिक टन यूरिया, 3,491.90 मीट्रिक टन डीएपी, 8,913.75 मीट्रिक टन एनपीके, 6,529.75 मीट्रिक टन एसएसपी और 1,170.72 मीट्रिक टन एमओपी उर्वरक का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इसके साथ ही विभाग ने किसानों से एक बेहद महत्वपूर्ण और व्यावहारिक अपील की है कि वे सिर्फ डीएपी (DAP) की पारंपरिक सोच पर ही निर्भर न रहें। उसके स्थान पर बाजार में उपलब्ध अन्य मिश्रित उर्वरकों (जैसे एनपीके और एसएसपी) का उपयोग करें, जो वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी फसलों के स्वास्थ्य और पैदावार के लिए बेहद फायदेमंद हैं।
कृषि विभाग ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि किसानों की मजबूरी का फायदा उठाने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। अगर आगे भी कोई दुकानदार खाद की कालाबाजारी, ओवररेटिंग या किसी अन्य गड़बड़ी में लिप्त पाया गया, तो उसके खिलाफ सीधे कानून के तहत एफआईआर दर्ज कराकर जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।







