गया जी (गुरपा): गया जिले के गुरपा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बिरहोर टोला के पास एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां बिजली विभाग की घोर लापरवाही के कारण 11KV हाई टेंशन तार की चपेट में आने से 6 भैंसों की तड़प-तड़प कर मौत हो गई।
क्या है पूरा मामला?
ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, घटना बिरहोर टोला के समीप की है। यहाँ दो खंभों के बीच 11KV की लाइन का तार काफी नीचे झूल रहा था। खेत में चारा चर रहे मवेशी अनजाने में इस मौत के जाल (झूलते तार) के संपर्क में आ गए। देखते ही देखते करंट की तीव्रता ने 6 भैंसों को मौत की नींद सुला दिया।
गरीब किसानों की कमर टूटी
इस हादसे ने पशुपालकों की मेहनत और उनकी आजीविका पर वज्रपात किया है। मरने वाले मवेशियों में गुरपा थाना क्षेत्र के कठौतिया केवाल गांव के रहने वाले कैलाश यादव पिता धनराज यादव की 5 भैंसें और अशोक यादव की 1 भैंस शामिल है।
इन गरीब किसानों के लिए ये मवेशी ही उनकी संपत्ति और आय का मुख्य साधन थे। एक झटके में बिजली विभाग की सुस्ती ने इन्हें लाखों का नुकसान पहुँचा दिया है।
ग्रामीणों का गंभीर आरोप: “सिर्फ तार खींचे गए, देखभाल कभी नहीं हुई”
घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। स्थानीय लोगों ने मगध लाइव को बताया कि जब से इस इलाके में बिजली आई है, विभाग का कोई भी कर्मचारी या अधिकारी मेंटेनेंस (देखभाल) के लिए यहाँ नहीं फटका। तार सालों से नीचे झूल रहे थे, लेकिन बार-बार शिकायत के बावजूद कोई मरम्मत नहीं की गई। आज इसी लापरवाही ने हमारे बेजुबानों की जान ले ली।
पुलिस मौके पर, विभाग अब भी मौन
घटना की सूचना मिलते ही गुरपा थाना की पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुँच चुकी है और मामले की छानबीन में जुट गई है। हालांकि, अब तक बिजली विभाग के किसी भी अधिकारी का बयान सामने नहीं आया है, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ रही है।
सवाल तो बनता है: क्या विभाग किसी इंसान की जान जाने का इंतजार कर रहा था? इन गरीब पशुपालकों को उनके नुकसान का मुआवजा कौन देगा?








