मगध अपडेट बिहार राजनीति क्राइम शिक्षा खेल नौकरी धर्म

गया के कंडी गांव के सिद्धार्थ ने लहराया परचम, UPPCS परीक्षा में 21वीं रैंक लाकर बढ़ाया जिले का मान

On: Saturday, April 4, 2026 9:07 AM

मगध लाइव, गया: अक्सर कहा जाता है कि मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है। इस कहावत को अक्षरशः चरितार्थ कर दिखाया है जिले के नगर प्रखंड स्थित कंडी गांव के होनहार लाल सिद्धार्थ शंकर ने। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPCS) की परीक्षा में अपनी मेधा का लोहा मनवाते हुए सिद्धार्थ ने नायब तहसीलदार के पद पर पूरे प्रदेश में 21वीं रैंक हासिल की है। उनकी इस अभूतपूर्व सफलता ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे जिले को गौरवान्वित किया है।

सिद्धार्थ की यह सफलता कोई रातों-रात मिली उपलब्धि नहीं है, बल्कि इसके पीछे वर्षों का कड़ा संघर्ष और अटूट धैर्य छिपा है। एक साधारण और आर्थिक रूप से सीमित संसाधनों वाले परिवार से ताल्लुक रखने वाले सिद्धार्थ के लिए यह सफर चुनौतियों से भरा रहा। उनके पिता विजय नाथ तिवारी ने आर्थिक तंगी को कभी अपने बेटे की पढ़ाई में बाधा नहीं बनने दिया। सिद्धार्थ की शुरुआती शिक्षा सेंट जोसेफ स्कूल, बिहार शरीफ से हुई, जिसके बाद उन्होंने डीएवी कैंट एरिया, गया से इंटरमीडिएट किया। उच्च शिक्षा की दिशा में कदम बढ़ाते हुए उन्होंने गया कॉलेज से भौतिकी में स्नातक और फिर पटना विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की।
करियर की शुरुआत में सिद्धार्थ ने अपनी काबिलियत के दम पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में असिस्टेंट मैनेजर का पद हासिल किया। लगभग तीन वर्षों तक बैंक में सेवा देने के बावजूद, उनके भीतर सिविल सेवा के जरिए समाज की सेवा करने का जज्बा बरकरार रहा।

अपने इसी सपने को हकीकत में बदलने के लिए उन्होंने एक सुरक्षित सरकारी नौकरी को अलविदा कह दिया। इसके बाद पिछले दो वर्षों से वे दिल्ली के एक प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान में करेंट अफेयर्स रिव्यूअर के रूप में कार्य करते हुए अपनी तैयारी को धार देते रहे।
इस दौरान उन्होंने कई बार यूपीएससी की मुख्य परीक्षा दी और साक्षात्कार के चरण तक पहुंचे, लेकिन अंतिम चयन न होने पर भी उन्होंने हार नहीं मानी। यह उनका दृढ़ संकल्प ही था कि आज उन्होंने सफलता का नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

सिद्धार्थ अपनी इस जीत का श्रेय भगवान शिव के आशीर्वाद और अपने परिवार के सहयोग को देते हैं। विशेष रूप से उन्होंने अपनी दिवंगत माता रेनू तिवारी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनका साया इसी वर्ष 19 मार्च को उनके सिर से उठ गया था। सिद्धार्थ का कहना है कि उनकी बहनों प्रियंका, पूजा, स्मृति और भाई अभिनव के निरंतर समर्थन ने उन्हें हर मुश्किल घड़ी में संबल प्रदान किया। आज उनकी इस उपलब्धि पर पूरा कंडी गांव खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment

📰 Latest:
पहाड़पुर स्टेशन के पास बेहोश मिला अज्ञात व्यक्ति: जिला पार्षद प्रेम कुमार की तत्परता ने बचाई जान; रेल पुलिस की लापरवाही आई सामने | कैमरे का जादूगर हमेशा के लिए खामोश: भारतीय फोटोग्राफी के पिता रघु राय का 83 वर्ष की उम्र में निधन | राजगीर की पहाड़ियों में हवा से बातें करेंगे पर्यटक: देश के पहले ‘क्लिफ वॉक’ से बिहार रचेगा नया इतिहास | तिलक समारोह से लौट रहे पूर्व सैनिक के पुत्र की सड़क हादसे में मौत, तेज रफ्तार हाईवा ने बाइक सवार को कुचला | ब्रेकिंग न्यूज: खुशियां मातम में बदली , चचेरी बहन की शादी में शामिल होने मायके आ रही महिला की सड़क हादसे में मौत | मगध लाइव न्यूज़: धनबाद में गया के ‘ATM कार्ड बदल’ गिरोह का भंडाफोड़, एक गिरफ्तार; जानें कैसे जाल बिछाते थे ये शातिर अपराधी | गया-कोडरमा रेल खंड: पहाड़पुर फाटक बना ‘मुसीबतों का फाटक’, घंटों जाम में पिस रही जनता, प्रशासन की चुप्पी पर सवाल | पासवर्ड का जमाना गया! हैकर्स से बचना है तो तुरंत बदलें फोन की ये सेटिंग; जानें क्या है ‘Passkey’ और यह क्यों है सबसे सुरक्षित | गया: ‘ऑनर किलिंग’ की रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात; भाई ने ही बहन को दी खौफनाक मौत, पहचान मिटाने के लिए चेहरे पर डाला तेजाब | औरंगाबाद: प्रशासनिक लापरवाही ने ली शिक्षक की जान, सोन नदी पुल के टूटे स्लैब ने बुझाया घर का चिराग |