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झारखंड से लापता 10 बिरहोर जनजाति के बच्चे बिहार में मिले, तकनीकी और त्वरित समन्वय से मिली सफलता

On: Saturday, February 7, 2026 2:57 PM

कोडरमा/गया: झारखंड के कोडरमा जिले के जयनगर थाना क्षेत्र के गडियाई गांव से पिछले एक सप्ताह से लापता 10 बिरहोर बच्चों को बिहार के गया और आसपास के क्षेत्रों से सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। गयाजी चाइल्डलाइन, कोडरमा पुलिस और स्थानीय प्रशासन के बेहतर समन्वय के कारण इन बच्चों को ढूंढने में सफलता मिली है।

कैसे शुरू हुआ घटनाक्रम?

घटना की शुरुआत 31 जनवरी को हुई थी, जब बिरहोर समुदाय के लोग अपने परिवार और बच्चों के साथ परसाबाद में आयोजित एक भोज कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। कार्यक्रम खत्म होने के बाद परिवार के बड़े सदस्य तो अपने घर लौट आए, लेकिन बच्चे पीछे छूट गए। बताया जाता है कि घर लौटने के बजाय बच्चे अनजाने में किसी ट्रेन पर सवार हो गए।
बच्चों के लगातार लापता रहने से बिरहोर टोला में हड़कंप मच गया, जिसके बाद परिजनों ने जयनगर थाने पहुंचकर पुलिस से गुहार लगाई। मामला संज्ञान में आते ही कोडरमा एसपी अनुदीप सिंह के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित कर तलाश तेज कर दी गई थी।

भटकते हुए गया पहुंचे थे बच्चे: भाषा बनी थी चुनौती

गयाजी चाइल्डलाइन के समन्वयक अमित कुमार के अनुसार, 3 फरवरी को मुफ्फसिल थाना (गया) से सूचना मिली थी कि रात्रि गश्ती के दौरान कुछ बच्चे भटकते हुए पाए गए हैं। इनमें से 7 बच्चे मुफ्फसिल थाना क्षेत्र और 3 बच्चे परैया रेलवे स्टेशन के पास मिले थे।
चाइल्डलाइन की टीम ने जब बच्चों से बात करने की कोशिश की, तो उनकी विशिष्ट बिरहोर भाषा के कारण घर का पता लगाना चुनौतीपूर्ण हो गया था। बच्चे संभवतः ट्रेन के जरिए गया पहुंचे थे और रास्ता भटक गए थे।

व्हाट्सएप और डिजिटल तकनीक से हुई पहचान

बच्चों की पहचान स्थापित करने के लिए चाइल्डलाइन ने उनकी तस्वीरें विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुपों में साझा कीं। इसी दौरान कोडरमा पुलिस को सूचना मिली कि जयनगर के बिरहोर टोला से बड़ी संख्या में बच्चे लापता हैं। जयनगर के अंचलाधिकारी (CO) सारांश जैन ने बताया कि गया से प्राप्त तस्वीरों को जब परिजनों को दिखाया गया, तो उन्होंने तुरंत अपने बच्चों को पहचान लिया।

सुरक्षा के लिए अलग-अलग गृहों में किया गया शिफ्ट

सभी 10 बच्चों को उनकी आयु और श्रेणी के आधार पर बिहार के तीन जिलों के सुरक्षा गृहों में रखा गया है:

  • गया: 5 बच्चों को स्थानीय बाल सुरक्षा गृह में रखा गया है।
  • औरंगाबाद: 2 बच्चों को यहाँ के बाल गृह में संरक्षण दिया गया है।
  • नवादा: 3 बच्चियों को सुरक्षित रूप से नवादा के बालिका गृह भेजा गया है।

प्रशासनिक सक्रियता और एसपी की मॉनिटरिंग

ग्राम गडियाई बिरहोर टोला में परिजनों से बातचीत करते पुलिस बल व अधिकारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए कोडरमा एसपी अनुदीप सिंह ने स्वयं कमान संभाली थी। उन्होंने प्रशिक्षु डीएसपी दिवाकर कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर गांव भेजा था। पुलिस ने आसपास के जिलों और राज्यों में अलर्ट जारी किया था, जिसके बाद गया में बच्चों के होने की पुख्ता जानकारी मिली। फिलहाल कोडरमा पुलिस की एक विशेष टीम बच्चों को वापस लाने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए गया पहुंच चुकी है।

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