मगध लाइव न्यूज़ | दीपक कुमार
बिहार के गया जिले के चर्चित और बेबाक पत्रकार समर राठौर के सोशल मीडिया अकाउंट्स को भारत में बैन कर दिया गया है। करीब तीन मिलियन से अधिक फॉलोअर्स वाले उनके आधिकारिक फेसबुक पेज और तीन लाख से ज्यादा यूजर्स वाले दो इंस्टाग्राम अकाउंट्स पर हुई इस अचानक कार्रवाई ने पूरे सूबे की डिजिटल मीडिया में हड़कंप मचा दिया है। गौरतलब है कि समर राठौर ने अपनी बेबाक पत्रकारिता के सफर की शुरुआत इसी ‘मगध लाइव न्यूज़’ के साथ की थी। आज उनकी निडर और सवाल पूछने वाली शैली के लाखों प्रशंसक हैं, लेकिन अचानक हुई इस डिजिटल स्ट्राइक ने न केवल गया बल्कि पूरे बिहार के यूट्यूबरों और पत्रकारों को आक्रोशित कर दिया है, जो अब मुखर होकर इस कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं।
अधिकारियों और सत्ता से सवाल पूछने की मिली सजा? समर राठौर की पहचान एक ऐसे ग्राउंड रिपोर्टर की रही है, जो जनता के मुद्दों पर सत्ता पक्ष और प्रशासन की आंखों में आंखें डालकर सवाल करते हैं। उनके चाहने वालों और साथी पत्रकारों का मानना है कि यह कार्रवाई उनकी इसी निडर पत्रकारिता को दबाने का एक प्रयास है। सोशल मीडिया पर बैन लगने के बाद पूरे बिहार का स्वतंत्र मीडिया जगत उबाल पर है। पत्रकारों का स्पष्ट कहना है कि डिजिटल युग में सच्ची और निष्पक्ष आवाजों को तकनीकी प्रतिबंधों का सहारा लेकर खामोश करने की कोशिश की जा रही है, जो लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा प्रहार है।
‘साजिश के तहत फंसाया जा रहा, मेरे हौसले नहीं टूटेंगे’ पेज बैन होने के बाद समर राठौर ने एक भावुक लेकिन बेहद ऊर्जावान वीडियो संदेश जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर आरोप लगाया है कि उन्हें फंसाने और बर्बाद करने की गहरी साजिश रची जा रही है। राठौर ने हुंकार भरते हुए कहा कि सरकार और सिस्टम से सवाल करना एक सच्चे पत्रकार का फर्ज है और उन्होंने हमेशा वही फर्ज निभाया है। उन्होंने अपने समर्थकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि सरकार ने उनका पेज जरूर बैन कर दिया है, लेकिन वो उनके हौसले नहीं तोड़ सकती। समर राठौर ने बिना हिम्मत हारे एक बार फिर उसी जोश और जुनून के साथ ‘samar rathor 2.0’ (समर राठौर 2.0) नाम से नया फेसबुक अकाउंट शुरू कर दिया है और जनता से इस नए डिजिटल मंच पर जुड़ने की भावपूर्ण अपील की है।

‘लगेगी आग तो आएँगे घर कई ज़द में’, मगध लाइव ने किया एकजुट होने का आह्वान इस गंभीर मामले पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए ‘मगध लाइव’ के डायरेक्टर दीपक कुमार ने इसे अभिव्यक्ति की आजादी पर सीधा हमला करार दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार समर राठौर जैसे बेबाक पत्रकारों का मुंह बंद कर रही है। दीपक कुमार ने चिंता जताते हुए कहा कि लगातार सोशल मीडिया पर जो भी स्वतंत्र पत्रकार या इन्फ्लुएंसर जनता के पक्ष में पोस्ट कर रहा है, या तो उसकी पोस्ट डिलीट की जा रही है या उसका पेज ही बैन कर दिया जा रहा है। उन्होंने मशहूर शायर राहत इन्दौरी की पंक्तियों का जिक्र करते हुए सत्ता और समाज दोनों को आगाह किया कि- “लगेगी आग तो आएँगे घर कई ज़द में, यहाँ पे सिर्फ़ हमारा मकान थोड़ी है।” दीपक कुमार ने आह्वान किया है कि अब वक्त आ गया है कि बिहार के सभी पत्रकारों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को एकजुट होकर अपने संवैधानिक हकों और अभिव्यक्ति की आजादी के लिए एक साथ खड़ा होना पड़ेगा।







