मगध लाइव न्यूज़ डेस्क | गया
भारतीय रेलवे का ‘ऑपरेशन अमानत’ रेल यात्रियों के लिए एक बड़ा वरदान साबित हो रहा है। पूर्व मध्य रेल के डीडीयू मंडल के अंतर्गत गया जंक्शन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने अपनी मुस्तैदी और ईमानदारी का बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। आरपीएफ पोस्ट गया ने दो अलग-अलग ट्रेनों में यात्रियों के छूटे हुए हजारों रुपये के कीमती सामान और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सुरक्षित बरामद कर उन्हें उनके असली मालिकों तक पहुंचाया। इन दोनों ही सफल अभियानों में सुरक्षा नियंत्रण कक्ष डीडीयू और सहायक उप निरीक्षक अक्षयबर सिंह की तत्परता ने यात्रियों के चेहरों पर मुस्कान लौटा दी।
दिव्यांग कोच में छूटे जरूरी दस्तावेज सुरक्षित मिले
पहली घटना गाड़ी संख्या 04064 की है, जिसमें भभुआ से सासाराम की यात्रा कर रहे कैमूर निवासी प्रमोद यादव का काला पिट्ठू बैग दिव्यांग कोच में छूट गया था। बैग में उनके आधार कार्ड सहित कई बेहद महत्वपूर्ण और मूल्यवान दस्तावेज मौजूद थे। सुरक्षा नियंत्रण कक्ष की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरपीएफ ने गया स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचते ही कोच को अटेंड किया और बैग को बरामद कर लिया। आरपीएफ ने पारदर्शिता अपनाते हुए यात्री से वीडियो कॉलिंग के जरिए बैग की पहचान कराई और उनके सामने ही बैग खोलकर सामान की पुष्टि की। इसके बाद यात्री को गया पोस्ट पर बुलाकर उचित सत्यापन के बाद उनका बैग सुरक्षित सौंप दिया गया।
रेल मदद से वापस मिला साठ हजार का कीमती सामान
दूसरी घटना में ‘रेल मदद’ प्रणाली की उपयोगिता देखने को मिली। गाड़ी संख्या 63247 के सामान्य कोच में पटना से बेला की यात्रा कर रहे नालंदा निवासी हर्ष राज का बैग ट्रेन में ही छूट गया था। इस बैग में एक रेडमी कंपनी का टैबलेट और दो एंड्राइड मोबाइल फोन थे, जिनकी कुल कीमत लगभग साठ हजार रुपये थी। सूचना मिलते ही आरपीएफ गया के स्टाफ ने सतर्कता दिखाते हुए ट्रेन के गया पहुंचने पर बैग को सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया। इस मामले में भी यात्री से वीडियो कॉल के जरिए सामान की तस्दीक कराई गई। बाद में यात्री के आरपीएफ पोस्ट गया उपस्थित होने पर सभी कीमती गैजेट्स सही-सलामत उन्हें सुपुर्द कर दिए गए। अपना खोया हुआ कीमती सामान वापस पाकर यात्री ने आरपीएफ की इस शानदार पहल और निष्ठा के लिए कोटि-कोटि धन्यवाद दिया।







