गया जी | संवाददाता, मगध लाइव न्यूज़
स्थानीय कर्मचारी महासंघ भवन में रविवार को जनवादी लेखक संघ (जलेस) का 45वां स्थापना दिवस समारोह अत्यंत गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। प्रख्यात साहित्यकार यू.एन. शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों और गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत की।
साहित्य और लेखकीय दायित्व पर मंथन
स्थापना दिवस के अवसर पर ‘आज के दौर में लेखकीय दायित्व’ विषय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है और बदलते हालातों के साथ साहित्य के स्वरूप में भी परिवर्तन अनिवार्य है। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि हिंदी और उर्दू साहित्य की गौरवशाली परंपरा को अक्षुण्ण रखना लेखकों की जिम्मेदारी है।गोष्ठी के दौरान वर्तमान समय की चुनौतियों पर चर्चा करते हुए वक्ताओं ने कहा “आज के कठिन समय में लेखकों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। रचनाकारों को चाहिए कि वे अपनी लेखनी में सरल, सहज और जन-सरोकार की भाषा का प्रयोग करें ताकि साहित्य सीधे आम जनता से जुड़ सके।
काव्य संग्रह ‘न्याय पथिक’ का लोकार्पण
समारोह का मुख्य आकर्षण युवा कवि उदय यादव के प्रथम काव्य संग्रह ‘न्याय पथिक’ का भव्य लोकार्पण रहा। उपस्थित विद्वानों ने इस कृति की सराहना करते हुए इसे समकालीन साहित्य में एक सार्थक हस्तक्षेप बताया।
इस बौद्धिक विमर्श में पी.एन. सिंह, अजय कुमार वर्मा, अबीर अधिकारी, अनिल कुमार, उदय यादव, रामचंद्र दास और खेलावन दास सहित कई प्रमुख साहित्यकारों ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम का सफल संचालन जनवादी लेखक संघ, गया के सचिव कृष्ण चंद्र चौधरी ने किया। धन्यवाद ज्ञापन के साथ सभा का समापन हुआ।






