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बेलागंज की बेटी वैष्णवी ने पहले ही प्रयास में लहराया परचम, UPSC में हासिल की 298वीं रैंक

On: Friday, March 6, 2026 4:06 PM

बेलागंज (गया): बिहार की मेधा ने एक बार फिर राष्ट्रीय पटल पर अपनी चमक बिखेरी है। गया जिले के बेलागंज प्रखंड अंतर्गत दादपुर गांव की सुपुत्री सुश्री वैष्णवी ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में 298वीं रैंक प्राप्त कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। वैष्णवी की इस गौरवशाली उपलब्धि से न केवल उनके परिवार में हर्ष का माहौल है, बल्कि पूरे जिले में जश्न मनाया जा रहा है।

कठिन परिश्रम और अटूट अनुशासन से मिली सफलता

वैष्णवी की सफलता की कहानी उनके निरंतर संघर्ष और लक्ष्य के प्रति समर्पण का परिणाम है। उनके पिता राजीव नयन कुमार, जो वर्तमान में कोल इंडिया लिमिटेड, सिंगरौली (मध्य प्रदेश) में वरीय सर्वे ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं, ने हमेशा अपनी बेटी के सपनों को पंख दिए। परिजनों के अनुसार, वैष्णवी बचपन से ही मेधावी छात्रा रही हैं और उन्होंने हमेशा एक बड़े लक्ष्य को सामने रखकर अपनी पढ़ाई की। उनकी इस उपलब्धि ने साबित कर दिया कि यदि आत्मविश्वास और कड़ी मेहनत का मेल हो, तो कोई भी मुकाम हासिल करना असंभव नहीं है।

झारखंड से दिल्ली तक का शानदार शैक्षणिक सफर

वैष्णवी की शुरुआती शिक्षा झारखंड के रामगढ़ में हुई, जहाँ उन्होंने आर्मी स्कूल से प्रथम श्रेणी में मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके पश्चात उन्होंने रांची के प्रतिष्ठित जवाहर विद्या मंदिर से अपनी इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने देश के विख्यात दिल्ली विश्वविद्यालय का रुख किया, जहाँ से उन्होंने इतिहास विषय में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। स्नातक के तुरंत बाद ही उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी को अपना एकमात्र संकल्प बना लिया और पूरी तन्मयता से परीक्षा की रणनीति तैयार की।

पहले ही प्रयास में रच दिया इतिहास

सबसे खास बात यह है कि वैष्णवी ने इस कठिनतम परीक्षा को अपने पहले ही प्रयास में उत्तीर्ण कर अपनी योग्यता का परिचय दिया है। उनकी इस ऐतिहासिक सफलता की खबर मिलते ही दादपुर गांव सहित पूरे बेलागंज प्रखंड में खुशी की लहर दौड़ गई है। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और ग्रामीणों ने उनकी सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है। लोगों का मानना है कि वैष्णवी की यह उपलब्धि गया और बिहार की अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा का एक नया स्रोत बनेगी।

पूरे जिले और प्रदेश के लिए गौरव का क्षण

वैष्णवी की इस कामयाबी से न केवल उनके पैतृक गांव की पहचान बढ़ी है, बल्कि गया जिला और पूरा बिहार गौरवान्वित हुआ है। उनकी सफलता पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है और लोग उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना कर रहे हैं। परिजनों ने बताया कि वैष्णवी ने अपनी एकाग्रता और समयबद्ध पढ़ाई के बल पर यह स्थान प्राप्त किया है, जो आने वाली पीढ़ी के प्रतियोगी छात्रों के लिए एक मिसाल है।

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