गया रेलवे स्टेशन पर रेल सुरक्षा बल (RPF) ने ‘ऑपरेशन प्रहरी’ के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में हत्या के प्रयास और गंभीर हमले जैसी संगीन वारदातों को अंजाम देकर भाग रहे चार अभियुक्तों को आरपीएफ ने दून एक्सप्रेस से धर दबोचा। पकड़े गए सभी अपराधी गोरखपुर जिले के रहने वाले हैं और वारदात के बाद से ही पुलिस की नजरों से बचकर भागने की फिराक में थे।
एसओजी गोरखपुर की सूचना पर बिछाया गया जाल
इस बड़ी कार्रवाई की शुरुआत 11 मार्च 2026 को हुई, जब गोरखपुर एसओजी के सब इंस्पेक्टर राजमंगल सिंह ने गया आरपीएफ को सूचना दी कि गोरखपुर के रामगढ़ ताल थाना क्षेत्र में एक गंभीर अपराध कारित कर चार अपराधी फरार हुए हैं। सूचना मिलते ही गया आरपीएफ के निरीक्षक प्रभारी बनारसी यादव के निर्देशन में एक विशेष संयुक्त टीम का गठन किया गया। आरपीएफ की टीम ने स्टेशन के एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स और आने वाली ट्रेनों पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी।
दून एक्सप्रेस के जनरल कोच में आधी रात को मारा छापा
12 मार्च 2026 की रात करीब 00:20 बजे जब गाड़ी संख्या 13010 दून एक्सप्रेस गया स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या 6 पर पहुंची, तो आरपीएफ टीम ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया। टीम ने ट्रेन के जनरल कोच में सघन छापेमारी की, जहां हुलिए के आधार पर चार संदिग्धों की पहचान की गई। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए चारों को ट्रेन से उतार लिया। पूछताछ के दौरान अभियुक्तों की पहचान पंकज शाही (35), लालू यादव (26), सर्वेश कुमार सिंह उर्फ राहुल सिंह (36) और युवराज सिंह (25) के रूप में हुई है।
गोरखपुर पुलिस को सौंपे गए सभी अभियुक्त
गया स्टेशन पर डिटेन किए गए इन चारों अभियुक्तों को आरपीएफ के उप-निरीक्षक धीरेंद्र प्रसाद द्वारा एसओजी गोरखपुर के सब इंस्पेक्टर राजमंगल सिंह को सुपुर्द कर दिया गया है। पकड़े गए अपराधियों में बड़हलगंज और गगहा थाना क्षेत्र के रहने वाले शातिर अपराधी शामिल हैं। इस सफल ऑपरेशन और त्वरित कार्रवाई के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस ने गया आरपीएफ की टीम का आभार व्यक्त किया है। रेलवे स्टेशन पर हुई इस कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप मचा हुआ है।








