✍️देवब्रत मंडल
गयाजी: बिहार के गया शहर में ब्रांडेड उत्पादों की नकल कर उपभोक्ताओं को ठगने वाले एक बड़े रैकेट का पुलिस ने सनसनीखेज पर्दाफाश किया है। शहर के दुबहल इंडस्ट्रियल एरिया में संचालित एक फैक्ट्री में नामी कंपनियों के ट्रेडमार्क का धड़ल्ले से दुरुपयोग किया जा रहा था। इस गोरखधंधे की भनक लगते ही मगध मेडिकल थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री परिसर पर धावा बोला और भारी मात्रा में नकली सामान के साथ निर्माण उपकरणों को जब्त कर लिया।
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब पश्चिम बंगाल के नदिया जिले से आए कंपनी प्रतिनिधि ततन चक्रवर्ती ने पुलिस को एक लिखित शिकायत सौंपी। शिकायत में स्पष्ट किया गया था कि दुबहल स्थित ‘आरएम सोप इंडस्ट्रीज’ में उनकी कंपनी के रजिस्टर्ड ब्रांड से मिलते-जुलते “आहा” और “विसाल” नाम के साबुनों का अवैध उत्पादन हो रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने उद्योग परिसर की घेराबंदी कर सघन तलाशी ली, जहां से धोखाधड़ी के पुख्ता सबूत बरामद हुए।
पुलिसिया कार्रवाई के दौरान मौके से “आहा” ब्रांड के 20 बंडल बरामद किए गए, जिनमें कुल 500 पीस नकली साबुन पैक थे। इसके अलावा, पुलिस ने “विसाल” ब्रांड के 25 बड़े पैकिंग बॉक्स, नीले और सफेद रंग की भारी मात्रा में पैकेजिंग सामग्री और साबुन के आकार की लोहे की डाई (सांचे) भी जब्त की हैं। कंपनी के विशेषज्ञों ने मौके पर ही इन सभी सामग्रियों को नकली करार देते हुए ट्रेडमार्क उल्लंघन की पुष्टि की, जिसके बाद पुलिस ने पूरे स्टॉक को सील कर दिया।
इस गंभीर मामले में कानून का शिकंजा कसते हुए मगध मेडिकल थानाध्यक्ष कृष्ण सिंह ने बताया कि उद्योग संचालक मंसूर आलम के खिलाफ धोखाधड़ी और ट्रेडमार्क दुरुपयोग की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि यह नकली माल बाजार में किन-किन रास्तों से सप्लाई किया जा रहा था। थानाध्यक्ष ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि जनता के स्वास्थ्य और भरोसे के साथ खिलवाड़ करने वाले ऐसे अवैध कारोबारियों के खिलाफ आने वाले दिनों में और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।






