न्यूज डेस्क: विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेले (Pitrapaksha Mela 2026) के दौरान अगर आप भी मोक्षनगरी गया की सड़कों पर अपनी कला का जादू बिखेरना चाहते हैं, तो जिला प्रशासन आपके लिए एक बेहद खास और सुनहरा मौका लेकर आया है। गया के जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने शहर को कलात्मक रूप से सजाने के लिए पेंट द सिटी (Paint the City) प्रतियोगिता का बड़ा ऐलान किया है।
इस पहल के तहत चुनिंदा और बेहतरीन कलाकृतियों से शहर के प्रमुख मार्गों को सजाया जाएगा, और सबसे बड़ी बात— विजेता कलाकारों को सीधे डीएम के हाथों नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।

कौन ले सकता है इस महा-प्रतियोगिता में हिस्सा?
प्रशासन की इस अनूठी पहल का मुख्य उद्देश्य मेले में आम जनमानस और युवाओं की सीधी भागीदारी सुनिश्चित करना है। इस प्रतियोगिता के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं:
- सरकारी और निजी विद्यालयों के छात्र-छात्राएं
- कॉलेज और विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी
- गया जिले के आम नागरिक
- अन्य जिलों के इच्छुक कला प्रेमी और पेशेवर आर्टिस्ट
आपकी पेंटिंग का विषय (Theme) क्या होना चाहिए?
प्रशासन ने ऐसे विषय निर्धारित किए हैं जो बिहार की गौरवशाली संस्कृति और पितृपक्ष की आत्मा को दर्शाते हों। आप नीचे दिए गए किसी भी विषय पर अपनी कलाकृति तैयार कर सकते हैं:
- बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक, धार्मिक एवं आध्यात्मिक धरोहर को दर्शाती फोक पेंटिंग।
- पितृपक्ष, तर्पण एवं पिंडदान की परंपरा और इसकी ऐतिहासिक/पौराणिक कथाएं।
- भगवान श्रीराम एवं माता सीता द्वारा अपने पिता महाराज दशरथ के पिंडदान की चित्रकथा।
- विभिन्न राजाओं और महापुरुषों द्वारा अपने पूर्वजों के तर्पण से जुड़े प्रसंग।
- पितृपक्ष मेला-2026 की थीम पर आधारित मिथिला पेंटिंग एवं अन्य रचनात्मक लोककलाएं।
कैसे करें आवेदन? (चयन प्रक्रिया)
प्रतियोगिता को पूरी तरह से पारदर्शी रखते हुए इसे दो चरणों में बांटा गया है:
पहला चरण (डिजिटल सबमिशन): आपको अपनी तैयार की गई पेंटिंग को 20 अगस्त 2026 तक पितृपक्ष मेला कोषांग की आधिकारिक ई-मेल आईडी ppmhasangam@gmail.com पर भेजना होगा।
दूसरा चरण (दीवारों पर उकेरेगी आपकी कला): प्राप्त ई-मेल में से सबसे उत्कृष्ट कलाकृतियों का चयन प्रशासन की टीम करेगी। इसके बाद, चयनित चित्रों को प्रशासन द्वारा तय किए गए शहर के प्रमुख स्ट्रीट/मार्गों पर बनवाया जाएगा। अपनी कला से शहर को सजाने वाले इन बेहतरीन कलाकारों को जिला पदाधिकारी नकद पुरस्कार से नवाजेंगे।
मौका हाथ से न जाने दें!
गया जिला प्रशासन ने अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में लोग इस अभियान से जुड़ें। यह सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि देश-विदेश से आने वाले लाखों तीर्थयात्रियों के सामने आपकी कला और बिहार की संस्कृति को दुनिया के पटल पर रखने का एक मंच है।
तो देर किस बात की? आज ही अपनी तूलिका (Brush) उठाइए और अपनी कला को गया के इतिहास का हिस्सा बनाइए! प्रविष्टि भेजने की अंतिम तारीख 20 अगस्त 2026 याद रखें।






