गया। मगध रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) विकास वैभव भ्रष्टाचार और कर्तव्यहीनता के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रहे हैं। उनकी जीरो टॉलरेंस नीति के तहत एक बार फिर बड़ी कार्रवाई हुई है। गया जिले के चंदौती थाना में पदस्थापित अनुसंधानकर्ता पुलिस अवर निरीक्षक ललन प्रसाद साह को रिश्वत मांगने और अनुसंधान में अनियमितता के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
मगध रेंज आईजी विकास वैभव ने बताया कि चंदौती थाना कांड संख्या 221/26 की जांच के दौरान छह अभियुक्तों के मामले में अनुसंधानकर्ता द्वारा प्रत्येक अभियुक्त से दो-दो हजार रुपये, यानी कुल 12 हजार रुपये की मांग किए जाने की शिकायत मिली थी। शिकायतकर्ता ने इस संबंध में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध कराई, जिसमें मामले से जुड़े लेन-देन और जमानत संबंधी बातचीत सामने आई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए IG विकास वैभव ने 13 जून को तत्काल जांच का आदेश दिया। जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए, जिसके बाद संबंधित अधिकारी को निलंबित कर दिया गया।
IG विकास वैभव ने स्पष्ट संदेश दिया है कि पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग, अनुसंधान में पक्षपात और आम नागरिकों के साथ अनुचित व्यवहार के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर रिश्वतखोरी, अनुशासनहीनता या कर्तव्यहीनता पाए जाने पर कठोर विभागीय एवं विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मगध रेंज में पदभार संभालने के बाद से विकास वैभव लगातार जवाबदेही और पारदर्शिता पर जोर दे रहे हैं। हाल के दिनों में भ्रष्टाचार और लापरवाही के मामलों में कई अधिकारियों पर कार्रवाई से पुलिस महकमे में स्पष्ट संदेश गया है कि अब गलत कार्य करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
मगध रेंज आईजी विकास वैभव का कहना है कि कानून के शासन, पारदर्शिता और जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए हर शिकायत की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई जारी रहेगी।


