गुरपा थाना क्षेत्र के रंगूननगर स्थित इस संस्थान से पढ़कर अब तक सैकड़ों युवा देश की विभिन्न सेवाओं में दे रहे हैं योगदान।
फतेहपुर | अगर इरादे फौलादी हों और मार्गदर्शन सही मिले, तो ग्रामीण परिवेश की तंगहाली भी सफलता का रास्ता नहीं रोक सकती। इसे एक बार फिर सच कर दिखाया है गया जिले के फतेहपुर प्रखंड क्षेत्र स्थित रंगूननगर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान ‘गुरुकुल’ ने। केंद्रीय चयन पर्षद द्वारा आयोजित बिहार पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के परिणाम आते ही ‘गुरुकुल’ के छात्रों ने अपनी सफलता का ऐसा परचम लहराया है, जिससे पूरे फतेहपुर प्रखंड में हर्ष का माहौल है। इस संस्थान के कुल आठ प्रतिभावान विद्यार्थियों ने एक साथ बिहार पुलिस में अंतिम रूप से चयनित होकर संस्थान की गौरवशाली परंपरा में एक नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है।
सफलता की ‘नर्सरी’ बना रंगूननगर का गुरुकुल
गुरपा थाना क्षेत्र के रंगूननगर गाँव में स्थित ‘गुरुकुल’ संस्थान आज इलाके के युवाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह कोई पहली बार नहीं है जब यहाँ के बच्चों ने देश का नाम रोशन किया हो; इस संस्थान से पढ़कर अब तक सैकड़ों युवा भारतीय सेना, अर्धसैनिक बलों, रेलवे और पुलिस सहित देश की अलग-अलग सरकारी सेवाओं में चयनित होकर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए संस्थान के डायरेक्टर नरेश भारती ने ‘मगध लाइव’ से विशेष बातचीत में इस वर्ष की संशोधित और प्रामाणिक सफलता सूची साझा की है।
संस्थान प्रबंधन के अनुसार, चयनित होने वाले मेधावी छात्रों में मनहोना गाँव के तीन होनहार युवा— शिवबरत शर्मा के पुत्र अखिलेश कुमार , मनोज मिस्त्री के पुत्र अरविंद कुमार और स्वर्गीय बालमुकुन्द के पुत्र पिंटु कुमार शामिल हैं। इसी गाँव की बेटी रिया ज्योति (पुत्री रुपलाल प्रसाद) ने भी कड़े मुकाबले में बाजी मारते हुए खाकी वर्दी पहनने का गौरव हासिल किया है।
संस्थान की बेटियों ने फिर रचा इतिहास

‘गुरुकुल’ हमेशा से ही महिला सशक्तिकरण और बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता रहा है। इस परीक्षा में संस्थान की तीन अन्य बेटियों ने भी शानदार सफलता हासिल की है। इनमें खुद गुरुकुल के गढ़, रंगूननगर निवासी राजेन्द्र यादव की पुत्री सिंकु कुमारी ने शीर्ष स्थान पाया है। वहीं बघवन्दवा निवासी यदुनन्दन प्रसाद की पुत्री सिमा कुमारी, और जयपुर निवासी दिनेश यादव की पुत्री प्रिति कुमारी ने भी अपनी मेधा का लोहा मनवाया है। इनके अलावा केवाल निवासी नितिश कुमार के पुत्र राज कुमार ने भी इस कठिन परीक्षा को उत्तीर्ण कर संस्थान के गौरव को और बढ़ा दिया है।
ग्रामीण प्रतिभाओं को तराशने का संकल्प: नरेश भारती
इस अभूतपूर्व कामयाबी पर खुशी से गदगद गुरुकुल के डायरेक्टर नरेश भारती ने सभी सफल छात्र-छात्राओं को मिठाई खिलाकर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने भावुक मन से कहा कि विपरीत परिस्थितियों और अत्यंत सीमित संसाधनों के बावजूद ग्रामीण क्षेत्र के इन बच्चों ने जो मुकाम हासिल किया है, वह ‘गुरुकुल’ की कड़ी मेहनत और सही मार्गदर्शन का नतीजा है। उन्होंने पूरे विश्वास के साथ कहा कि ‘गुरुकुल’ आगे भी इसी निष्ठा और समर्पण के साथ फतेहपुर और गुरपा क्षेत्र के प्रतिभावान युवाओं को तराशने और उन्हें देश सेवा के योग्य बनाने के लिए निरंतर संकल्पित रहेगा। इस ऐतिहासिक सफलता के बाद से ही सफल छात्र-छात्राओं के घरों और गुरुकुल संस्थान में बधाई देने वाले स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का ताँता लगा हुआ है।








