“आओ चलें संग्रहालय की ओर” कार्यक्रम के तहत चित्रकला, स्लोगन और लेखन प्रतियोगिता का आयोजन

गया संग्रहालय में अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस 2026 के अवसर पर रविवार को “आओ चलें संग्रहालय की ओर” कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न शैक्षणिक एवं रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को संग्रहालयों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक महत्व से परिचित कराना तथा उनमें सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता विकसित करना था।
इस अवसर पर चित्रकला प्रतियोगिता, स्लोगन लेखन प्रतियोगिता तथा लेख लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई। चित्रकला प्रतियोगिता में बच्चों ने संग्रहालय भ्रमण के दौरान देखी गई कलाकृतियों, प्राचीन मूर्तियों और ऐतिहासिक धरोहरों से प्रेरित होकर अपनी कल्पनाओं को रंगों के माध्यम से जीवंत रूप दिया। वहीं स्लोगन लेखन प्रतियोगिता का विषय “संग्रहालय का महत्व” रखा गया, जिसमें विद्यार्थियों ने संग्रहालयों की उपयोगिता और सांस्कृतिक संरक्षण में उनकी भूमिका को प्रभावशाली नारों के जरिए प्रस्तुत किया।

लेख लेखन प्रतियोगिता का विषय “आओ चलें संग्रहालय की ओर – जागरूकता” था। इसमें प्रतिभागियों ने समाज में संग्रहालयों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने की आवश्यकता पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम में गया जिले के लगभग 10 विद्यालयों के करीब 300 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अलग-अलग आयु वर्ग के बच्चों के साथ उनके अभिभावक और शिक्षक भी मौजूद रहे, जिससे पूरे आयोजन का माहौल उत्साहपूर्ण और प्रेरणादायी बना रहा। प्रतिभागियों के लिए पानी, जूस और बिस्किट आदि की भी व्यवस्था की गई थी।
संग्रहालय भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न दीर्घाओं का अवलोकन कर ऐतिहासिक धरोहरों की जानकारी प्राप्त की। बच्चों ने टेराकोटा निर्मित मूर्तियाँ, मौर्यकाल, शुंगकाल और पालकाल से जुड़ी प्राचीन पत्थर की मूर्तियाँ, रामचरितमानस एवं फारसी भाषा में लिखी पांडुलिपियाँ, मिनिएचर पेंटिंग सहित अन्य दुर्लभ संग्रहों को ध्यानपूर्वक देखा और उनके ऐतिहासिक महत्व को समझा।
कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों में रचनात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा मिला, वहीं उन्हें अपनी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संग्रहालयों की उपयोगिता के प्रति भी जागरूक किया गया।
अंत में जिला कला संस्कृति पदाधिकारी सह सहायक संग्रहालयाध्यक्ष ने विद्यार्थियों को संग्रहालयों के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।






