मगध लाइव न्यूज़ डेस्क, गया
बिहार की ज्ञान और मोक्ष की भूमि गया में आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर नारी शक्ति का एक अद्भुत स्वरूप देखने को मिला। समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान उन जीविका दीदियों के संघर्ष और सफलता को सम्मान दिया गया, जिन्होंने अपनी मेहनत से जिले के सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य को बदल दिया है। जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में आयोजित इस समारोह ने यह साफ कर दिया कि गया की महिलाएं अब विकास की मुख्यधारा में बराबरी की हिस्सेदार बन चुकी हैं।

सशक्तिकरण का नया चेहरा: 6 लाख महिलाओं का मजबूत संगठन
समारोह को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने जीविका दीदियों के जज्बे को सलाम किया। उन्होंने गौरव के साथ साझा किया कि आज गया जिले में 6 लाख से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से एकजुट होकर आत्मनिर्भरता की राह पर अग्रसर हैं। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से निर्वाचन प्रक्रियाओं में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और समाज में जागरूकता फैलाने में उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने दीदियों का आह्वान किया कि वे मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का लाभ उठाकर उद्यमिता के क्षेत्र में कदम बढ़ाएं और जिले की प्रगति में भागीदार बनें।
नूरजहाँ खातून की कहानी: अंधेरे से उजाले तक का सफर

कार्यक्रम के दौरान बोधगया की नूरजहाँ खातून ने जब अपनी प्रेरक कहानी साझा की, तो सभागार में मौजूद हर व्यक्ति भावुक हो उठा। उन्होंने बताया कि जीविका से जुड़ने से पहले वे घर की चहारदीवारी तक सीमित थीं, लेकिन इस संगठन ने उन्हें न केवल आर्थिक आजादी दी, बल्कि समाज में सिर उठाकर जीने का साहस भी प्रदान किया। नूरजहाँ जैसी हजारों दीदियों की सफलता आज उन महिलाओं के लिए एक मिशाल है, जो अपनी पहचान बनाने का सपना देखती हैं।
लखपति से करोड़पति दीदी बनने का संकल्प

जिला परियोजना प्रबंधक आचार्य मम्मट ने महिलाओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए उन्हें समाज की असली शक्ति बताया। उन्होंने कहा कि गया की दीदियों ने ‘लखपति’ बनने का पड़ाव पार कर लिया है और अब संकल्प ‘करोड़पति दीदी’ बनने का है। इसी क्रम में मानव संसाधन प्रबंधक स्वाति कश्यप और सामाजिक विकास प्रबंधक राकेश कुमार ने महिलाओं को अपनी आंतरिक शक्ति को पहचानने और दूसरी महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनने का संदेश दिया।
कौशल और तकनीक के साथ कदम मिलाती महिलाएं
प्रबंधक संचार दिनेश कुमार ने महिलाओं को सृष्टि की रचनाकार बताते हुए उन्हें निरंतर नया सीखने और उद्यमिता अपनाने के लिए प्रेरित किया। समारोह में सूक्ष्म वित्त प्रबंधक ने जिले की आर्थिक प्रगति के आंकड़े रखे, वहीं युवा पेशेवर स्वराज मनोहर ने आधुनिक पीपीटी और वीडियो प्रदर्शन के जरिए महिला सशक्तिकरण के वैश्विक उदाहरण पेश किए। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली दीदियों और महिला कर्मियों को जिला प्रशासन द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
जिले के अलग अलग प्रखंडों में भी मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस
जिला मुख्यालय के अलावा मानपुर, बोधगया, आमस, डोभी, खिजरसराय और शेरघाटी जैसे विभिन्न प्रखंडों में भी महिला दिवस का उत्सव धूमधाम से मनाया गया। संकुल स्तरीय संघों और ग्राम संगठनों में महिलाओं ने आकर्षक रंगोली बनाई और सामूहिक बैठकों के जरिए एक-दूसरे के साथ अपने खट्टे-मीठे अनुभव साझा किए। इस पूरे आयोजन में उप विकास आयुक्त शैलेश कुमार दास, डीपीएम आचार्य मम्मट और अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।






