मगध लाइव
✍️पाठकों की कलम से: नयन भरे जल प्रियतम के, बादल भरे जल वारि
नयन भरे जल प्रियतम के,बादल भरे जल वारि।ख़्याल भरे कजरारे नैना,विरह सहे सुकुमारी।l झुकी पलक पर यादों का पहरा,साँसें जैसे थमी हुई हैं।धड़कन में है....
पाठकों की कमल से✍️ : आज़ादी नहीं, ‘मालिक’ बनने की भूख: क्या हम गुलामी के अंतहीन चक्र में फंसे हैं?
”अक्सर हम सोचते हैं कि शोषण का शिकार व्यक्ति न्याय और समानता की तलाश में होगा, लेकिन मनोविज्ञान का एक स्याह पक्ष कुछ और ही....







