मगध अपडेट बिहार राजनीति क्राइम शिक्षा खेल नौकरी धर्म

नालंदा में सेवा की ऐसी मिसाल जिसे देख दुनिया रह गई हैरान! जर्जर झोपड़ी की जगह खड़ा हो गया ‘सुदामा का महल’, बेबस मां की आंखों में छलके सुख के आंसू

By ..
On: Wednesday, March 18, 2026 10:40 PM

✍️ दीपक कुमार | विशेष रिपोर्ट |
नालंदा (बिहार): इतिहास के पन्नों में दर्ज द्वापर युग की वह अलौकिक गाथा तो आपने सुनी ही होगी, जिसमें द्वारकाधीश भगवान कृष्ण ने अपने दरिद्र सखा सुदामा की नियति बदल दी थी और पलक झपकते ही उनकी झोपड़ी को राजसी वैभव के महल में तब्दील कर दिया था। लेकिन, अगर कलयुग के इस दौर में आपको अपनी आँखों से वही ‘चमत्कार’ साक्षात घटते देखना है, तो नालंदा के इस्लामपुर प्रखंड स्थित बीरा कुंवर गांव चले आइए। यहाँ 40 वर्षीय उर्मिला देवी की जिंदगी ने एक ऐसी करवट ली है कि देखने वाले इसे साक्षात भगवान का चमत्कार मान रहे है।

पति के साये के बिना 6 मासूम बच्चों की भूख और कोख में पल रही नन्ही जान के साथ जर्जर झोपड़ी में मौत और जिंदगी के बीच संघर्ष कर रही इस बेबस मां के आंगन में आज ‘खुशियों का महल’ खड़ा है। ईंट और सीमेंट का यह ढांचा महज एक मकान नहीं, बल्कि ‘समर्थ कबीर के सुदामा का महल‘ है। यह वह दिव्य चमत्कार है जिसे एक ऐसे सच्चे संत ने अंजाम दिया है, जो भले ही आज जेल की दीवारों के पीछे हों, लेकिन उनकी दया और रहमत की बारिश आज पूरे विश्व को सराबोर कर रही है। यह कहानी है संत रामपाल जी महाराज और उनके द्वारा संचालित ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ की, जिसने एक उजड़े हुए आशियाने में फिर से हरा भरा कर दिया है।

उर्मिला देवी के लिए यह बदलाव किसी जादुई चिराग से नहीं बल्कि संत रामपाल जी महाराज की असीम कृपा से हुआ है। बीते 10 महीनों से, जब दुनिया अपनी रफ्तार में मस्त थी, संत रामपाल जी महाराज की ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ इस परिवार के लिए एक सुरक्षा कवच बनी हुई थी। इन 10 महीनों में एक दिन भी ऐसा नहीं बीता जब उर्मिला के बच्चों को खाली पेट सोना पड़ा हो। हर महीने राशन, दूध, और पहनने को कपड़े—मदद का यह सिलसिला लगातार जारी रहा। सेवादारों ने स्पष्ट कर दिया है कि यह सहायता महज एक बार की नहीं है, बल्कि इस बेसहारा परिवार की जिम्मेदारी अब ताउम्र अन्नपूर्णा मुहिम के हिस्से रहेगी।

द्वापर की कथा और कलयुग की गाथा: ‘सुदामा का महल’

इतिहास के पन्नों में दर्ज कृष्ण-सुदामा की कहानी आज कलयुग के इस अंधकारमय समय में वैसी ही अलौकिक झलक दिखा रही है। संत रामपाल जी महाराज अब तक देश के कोने-कोने में हजारों ऐसे घर बना चुके हैं, जिन्हें उन्होंने ‘समर्थ कबीर के सुदामा का महल’ का नाम दिया है। यह महल उन लोगों के लिए है जिनके पास सिर छिपाने को छत तो दूर, कल की रोटी का भी ठिकाना नहीं था।

आधुनिकता और सम्मान का मेल: क्या-क्या मिला नए घर में?

उर्मिला देवी को नए घर की चाबी सौंपते मुखिया और संत रामपाल जी महाराज के अनुयायी

मकान की चाबी सौंपने का पल किसी उत्सव से कम नहीं था। मगध लाइव के कैमरे ने जब इस ‘महल’ के भीतर प्रवेश किया, तो वहां एक संपन्न गृहस्थी की हर सामग्री मौजूद दिखी:

  • रसोई की रौनक: नया गैस चूल्हा, भरा हुआ सिलेंडर, बर्तनों का चमचमाता सेट और महीनों का एडवांस राशन।
  • आराम का इंतजाम: कमरों में बिछाने के लिए गद्दे, तकिए, रजाई और अलमारियां।
  • सुविधाएं: गर्मी से राहत के लिए बिजली के पंखे, एलईडी लाइटें और छत पर रखी विशाल पानी की टंकी के साथ मोटर और पाइपलाइन।
  • मजबूत ढांचा: दो बड़े हवादार कमरे, बरामदा और आधुनिक फिनिशिंग वाला किचन-बावायरमेंट।

इस भावुक मौके पर मुखिया विजेंद्र प्रसाद ने जब उर्मिला के हाथ में चाबी रखी, तो उनके शब्द सबकी आंखों में आंसू ले आए। उन्होंने कहा:

“आज के दौर में ऐसी निस्वार्थ सेवा अकल्पनीय है। संत रामपाल जी महाराज साक्षात भगवान का स्वरूप हैं। वे आज जेल में बैठकर अपनी दिव्य लीला से उर्मिला जैसे लाचार परिवारों की किस्मत बदल रहे हैं। सुदामा का महल बनाना और अन्नपूर्णा मुहिम चलाना, यह किसी चमत्कार से कम नहीं है।”

इस ऐतिहासिक कवरेज को मगध लाइव के निदेशक दीपक कुमार अपनी पूरी टीम के साथ बारीकी से कैमरे में कैद कर रहे थे। कैमरे ने वो मंजर भी देखा जब चाबी मिलते ही उर्मिला देवी फफक कर रो पड़ीं—ये आंसू उस घने छांव के मिलने के थे जिसे उन्होंने कभी अपने सपनों में भी नहीं सोचा था। मासूम बच्चे चहकते हुए सीढ़ियों पर दौड़ लगा रहे थे और अपनी नई छत पर जाकर आसमान को निहार   थे। मौके पर सरपंच प5  देवी के पति राजीव रंजन, स्थानीय गणमान्य लोग और सेवादार इस बदलाव की इबारत के साक्षी बने।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment

📰 Latest:
नालंदा में सेवा की ऐसी मिसाल जिसे देख दुनिया रह गई हैरान! जर्जर झोपड़ी की जगह खड़ा हो गया ‘सुदामा का महल’, बेबस मां की आंखों में छलके सुख के आंसू | गया पुलिस की बड़ी कार्रवाई: दुष्कर्म और फर्जीवाड़े का आरोपी मानवेंद्र कृष्ण भारत गिरफ्तार | बिहार म्यूजियम में ‘बोधगया ग्लोबल डायलॉग’ का सफल समापन: छायाकार रूपक सिन्हा की तस्वीरों ने मोह लिया सबका मन | पुरूषोतम एक्सप्रेस में यात्री की मौत, गया रेलवे स्टेशन पर उतारा गया शव | ऑनलाइन कोचिंग से छात्रों का शैक्षणिक विनाश, सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं: रौशन कुमार | गया आरपीएफ की मुस्तैदी से मिली बड़ी सफलता, गोरखपुर में वारदात कर भाग रहे चार अपराधी गया स्टेशन पर गिरफ्तार | गयाजी के विष्णुपद कॉरिडोर से बदलेगा स्वरूप: विरासत और आधुनिकता के संगम पर जिला प्रशासन की मुहर | International Women’s Day 2026: डीडीयू मंडल में 125 बालिकाओं को साइकिल वितरण, सिविल सेवा में 50वीं रैंक लाने वाली ईशित्वा आनंद सम्मानित | अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस विशेष: गया में आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रहीं जीविका दीदियां, जिला प्रशासन ने किया सम्मानित | गया का लाल, सरहद का रक्षक जिंदगी की जंग हारा: सड़क हादसे में घायल ITBP जवान रंजीत कुमार उर्फ लालू की इलाज के दौरान हुई मौत, क्षेत्र में शोक की लहर |