✍️देवब्रत मंडल
गया। गया जंक्शन यार्ड में 6 अगस्त को रेलकर्मियों के साथ हुए डिजिटल लूटकांड का पुलिस ने 23 दिनों के भीतर उद्भेदन कर लिया है। गया रेल थाना पुलिस और आरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य भी बरामद हुए हैं। गिरफ्तार सभी अपराधी शहर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के करीमगंज के निवासी हैं।
रेल थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने बताया कि घटना के बाद गठित टीम लगातार अपराधियों की तलाश में तकनीकी इनपुट पर काम कर रही थी। जब अपराधियों की सही लोकेशन और उनकी पहचान की जानकारी मिल गई, तो छापेमारी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में मो. आबिद अंसारी, मो. अरबाज अनवर खान और मो. जीशान सलीम उर्फ जियान शामिल हैं। पुलिस ने मो. जीशान के पास से रेडमी-9 कंपनी का एक टचस्क्रीन मोबाइल बरामद किया है, जिसमें गैंबलिंग ऐप का डिटेल आईडी और पासवर्ड मिला है। इसे पुलिस ने केस का अहम सबूत बताया है।
इस कार्रवाई में रेल थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह, आरपीएफ सब-इंस्पेक्टर जावेद इकबाल, सीआईबी टीम और रेलवे सुरक्षा बल के जवान शामिल थे।
गौरतलब है कि 6 अगस्त की सुबह मेमू शेड से ड्यूटी कर लौट रहे रेल कर्मचारियों को अपराधियों ने रिवॉल्वर की नोक पर बंधक बनाकर क्यूआर कोड के जरिए मनी ट्रांसफर करा लिया था। इस घटना के बाद सुरेंद्र कुमार नामक रेलकर्मी के बयान पर गया रेल थाना में BNS की धारा 309(4) और आईटी एक्ट की धारा 66(सी) के तहत मामला दर्ज किया गया था। घटना के विरोध में रेलकर्मियों ने गया रेल थाना के सामने प्रदर्शन भी किया था।