रिपोर्ट: देवब्रत मंडल
गया। भारतीय डाक विभाग द्वारा डाक सेवाओं को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसी क्रम में गया डाक मंडल के अंतर्गत DIGIPIN आधारित डिलीवरी प्रणाली का औपचारिक शुभारंभ गया प्रधान डाकघर में किया गया।
इस नई व्यवस्था का उद्घाटन वरीय डाक अधीक्षक अंशुमान द्वारा किया गया। उन्होंने DIGIPIN आधारित डिलीवरी प्रणाली की विशेषताओं और इसके लाभों की जानकारी देते हुए कहा कि यह प्रणाली डाक सेवाओं में सटीकता, गति और विश्वसनीयता को नई ऊंचाई प्रदान करेगी।

DIGIPIN प्रणाली के तहत प्रत्येक पते को एक विशिष्ट डिजिटल पहचान (Digital Postal Identification Number) प्रदान की जाती है। इससे पारंपरिक पते में होने वाली अस्पष्टता समाप्त होगी और स्पीड पोस्ट, पंजीकृत डाक तथा पार्सल जैसी सेवाओं की डिलीवरी कहीं अधिक प्रभावी और समयबद्ध हो सकेगी।
डाक विभाग का मानना है कि DIGIPIN प्रणाली के लागू होने से न केवल डिलीवरी प्रक्रिया सरल होगी, बल्कि उपभोक्ताओं का अनुभव भी बेहतर होगा। यह पहल ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘नागरिक-केंद्रित सेवाओं’ के लक्ष्य की दिशा में भारतीय डाक विभाग की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी वरीय डाकपाल गौरव रंजन ने की। वहीं प्रधान डाकघर गया के समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में नीरज, अरविंद कुमार वर्मा, अक्षय कुमार, अशोक कुमार, मोहम्मद इमरान खान सहित अन्य डाककर्मियों की भी सक्रिय सहभागिता रही।
गया डाक मंडल क्षेत्र में इस प्रणाली के सफल कार्यान्वयन से आम नागरिकों को आधुनिक, सुगम और तकनीक आधारित डाक सेवाओं का सीधा लाभ मिलेगा।





