मगध अपडेट बिहार राजनीति क्राइम शिक्षा खेल नौकरी धर्म

मनमानी वसूली और फर्जी प्रमाण पत्र बनवाने वालों की खैर नहीं, टिकारी में सीओ की बड़ी कार्रवाई!

On: Saturday, March 8, 2025 4:34 PM

टिकारी संवाददाता: टिकारी सीओ मयंक शेखर ने कार्यालय के बाहर संचालित साइबर कैफे व आनलाइन दुकान पर छापेमारी की कार्यवाई की। सीओ की इस कार्रवाई से साइबर कैफे संचालकों में हड़कंप मच गया है। कई कैफे संचालक दुकान बंद कर भाग खड़े हुए। सीओ मयंक शेखर ने बताया कि कई साइबर कैफे में फर्जी तरीके से आय, जाति, आवासीय, ओबीसी व एलपीसी बनाने की शिकायत मिल रही थी। शिकायत की जांच करने को लेकर ब्लाक के समीप व अन्य जगहों में साइबर कैफे की जांच एवं संचालकों से पूछताछ की गई। जांच के क्रम में कई कैफे संचालक शक के दायरे में है। जानकारी हो कि बिहार सरकार द्वारा लघु उद्यमी योजना के तहत ऋण देने को लेकर 65000 रुपया का आय प्रमाण पत्र, एलपीसी व राशन कार्ड को लेकर कैफे संचालकों द्वारा मनमाना राशि की वसूली किये जाने की शिकायत मिली थी। सीओ शेखर ने सभी कैफे संचालकों को दर निर्धारित करने व उसी अनुसार शुल्क लेने, दर तालिका प्रदर्शित करने की हिदायत दी है। वहीं आम लोगो से भी मनमाना राशि न देने और इसकी शिकायत सक्षम पदाधिकारी से करने की अपील की है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment

📰 Latest:
गया जंक्शन पर 27 जनवरी से 45 दिनों का मेगा ब्लॉक; प्लेटफॉर्म 2 और 3 से ट्रेनों का परिचालन रहेगा बंद | गया में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के तहत राष्ट्रीय बालिका दिवस कार्यक्रम का भव्य आगाज़ | गया सोना लूटकांड: निलंबित थानेदार की जमानत पर कोर्ट ने मांगी केस डायरी, अब 24 जनवरी को होगी अगली सुनवाई | वेंडर्स दिवस पर पटना में भव्य समागम: गया TVC के अध्यक्ष और सचिव ने उठाई स्ट्रीट वेंडर्स के हक की आवाज | बेलागंज में अवैध बालू खनन पर प्रशासन का बड़ा प्रहार: तीन ट्रैक्टर जब्त, एक गिरफ्तार; 51 लाख का जुर्माना | गया सोना लूटकांड: निलंबित रेल थानाध्यक्ष की जमानत पर कल होगी सुनवाई, करोड़ों के सोने की लूट में फंसे हैं ‘खाकी’ वाले | हावड़ा-आनंद विहार के बीच दौड़ेगी अत्याधुनिक ‘अमृत भारत’ एक्सप्रेस, धनबाद-गया के रास्ते 22 जनवरी से शुरू होगा नियमित परिचालन | क्या आपके पास है गयाजी को बेहतर बनाने का आइडिया? नगर निगम के साथ साझा करें अपने विचार, स्कैन करें क्यूआर कोड | ✍️पाठकों की कलम से: क्रांति से दफ्तर तक: एक ‘स्थगित क्रांतिकारी’ की दास्तां | सोना लूटकांड: रक्षक ही बने भक्षक; आधी हकीकत, आधा फसाना और पुलिस की साख पर दाग |