
गया (मगध लाइव डेस्क)। बिहार के गया जिले से एक बड़ी और राहत देने वाली खबर सामने आ रही है। पॉक्सो (POCSO) एक्ट के जिस फरार आरोपी को बचाने और बिना कार्रवाई के छोड़ देने के आरोप में पंचानपुर थाने के तत्कालीन एसएचओ सहित तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था, उसे आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गया पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस बहुचर्चित मामले के मुख्य आरोपी को गया रेलवे जंक्शन से दबोचने में बड़ी सफलता हासिल की है।
नए SHO कन्हैया कुमार की पहली बड़ी सफलता लंबे समय से फरार चल रहे इस आरोपी की पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही थी। बताया जा रहा है कि पंचानपुर थाने में नए एसएचओ के रूप में कन्हैया कुमार के पदभार संभालने के बाद यह उनकी पहली और सबसे महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है। पुलिस टीम ने सटीक सूचना के आधार पर जाल बिछाकर आरोपी को गया स्टेशन से उस वक्त गिरफ्तार कर लिया, जब वह संभवतः भागने की फिराक में था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए भेज दिया है। आरोपी के पकड़े जाने से अब इस संवेदनशील पॉक्सो मामले की जांच को गति मिलने और पीड़िता को जल्द न्याय मिलने की उम्मीद बंध गई है।
आईजी विकास वैभव ने की थी सख्त कार्रवाई गौरतलब है कि कुछ ही दिनों पूर्व इस मामले ने पुलिस महकमे में काफी सुर्खियां बटोरी थीं। एक नाबालिग से दुष्कर्म के इस मामले में पंचानपुर पुलिस की भूमिका बेहद संदिग्ध पाई गई थी। तत्कालीन पुलिस पदाधिकारियों पर आरोप था कि उन्होंने आरोपी को पकड़कर थाने लाने के बावजूद बिना प्राथमिकी दर्ज किए उसे छोड़ दिया था। इस घोर लापरवाही और संवेदनहीनता पर मगध प्रक्षेत्र के आईजी विकास वैभव ने अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत कड़ा हंटर चलाया था। आईजी के निर्देश पर मामले में लापरवाही बरतने वाले तत्कालीन थानाध्यक्ष (एसएचओ) सहित तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था।
आईजी की उस ऐतिहासिक और सख्त कार्रवाई के बाद महकमे में हड़कंप मच गया था और फरार आरोपी की जल्द से जल्द गिरफ्तारी पुलिस की साख का सवाल बन गई थी। अब नए थानाध्यक्ष के नेतृत्व में पुलिस ने आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचाकर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है।







