मगध अपडेट बिहार राजनीति क्राइम शिक्षा खेल नौकरी धर्म

IG विकास वैभव के 90 दिन: मगध में पेश की ‘सुशासन’ की नई मिसाल, 12 दागियों पर एक्शन, 10 हजार फरियादियों के लिए बने उम्मीद की किरण

On: Wednesday, August 12, 2026 7:52 PM

गयाजी। बिहार का मगध क्षेत्र, जिसे कभी नक्सलवाद और अपराध का गढ़ माना जाता था, अब एक बड़े बदलाव से गुजर रहा है। इस बदलाव के सूत्रधार बने हैं मगध रेंज के आईजी विकास वैभव। 12 मई 2026 को पदभार ग्रहण करने के बाद से आज उनके कार्यकाल के तीन महीने पूरे हो गए हैं। इन 90 दिनों में उन्होंने एक बात साफ कर दी है— न तो अपराधियों को बख्शा जाएगा और न ही खाकी वर्दी में छिपे भ्रष्ट अधिकारियों को।

‘जीरो टॉलरेंस’ का डंडा: 12 पुलिसकर्मियों पर एक्शन

आईजी विकास वैभव ने कुर्सी संभालते ही सबसे पहला प्रहार महकमे के भीतर मौजूद दीमकों पर किया। थानों में आम आदमी की सुनवाई न होना, एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी, अवैध वसूली और केस को हल्का करने जैसी शिकायतें अब बर्दाश्त नहीं की जा रही हैं।

पिछले तीन महीनों के कड़े पर्यवेक्षण का नतीजा यह रहा है कि मगध क्षेत्र के विभिन्न जिलों (गया और जहानाबाद सहित) के 12 पुलिस पदाधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक और विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इनमें कई थानाध्यक्ष, अंचल निरीक्षक और सब-इंस्पेक्टर शामिल हैं। आईजी के निर्देश पर इन सभी पर भ्रष्टाचार, लापरवाही और मनमानी के गंभीर आरोपों के तहत एक्शन लिया गया है।

इन दागी पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज:

  1. कोंच (गयाजी): पु.अ.नि. – अनुसंधानकर्ता द्वारा पैसा मांगने के आरोप में कार्रवाई।
  2. साइबर थाना (गयाजी): पुलिस निरीक्षक – अनुसंधान में लापरवाही बरतने के आरोप में कार्रवाई।
  3. नगर अंचल (जहानाबाद): अंचल निरीक्षक – बिना जख्म जांच प्रतिवेदन के ही धारा-109 BNS में कांड को सत्य करने के आरोप में कार्रवाई।
  4. नगर (जहानाबाद): स.अ.नि. – सतही तौर पर एकतरफा कार्रवाई करने के आरोप में कार्रवाई।
  5. बांकेबाजार (जहानाबाद): थानाध्यक्ष – प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं करने के आरोप में कार्रवाई।
  6. चंदौती (जहानाबाद): पु.अ.नि. – अनुसंधानकर्ता द्वारा पैसा मांगने के आरोप में कार्रवाई।
  7. महिला थाना (गयाजी): थानाध्यक्ष – प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं करने के आरोप में कार्रवाई।
  8. खिजरसराय (गयाजी): स.अ.नि. – अनुसंधानकर्ता द्वारा पैसा मांगने के आरोप में कार्रवाई।
  9. मेडिकल थाना (गयाजी): थानाध्यक्ष – गंभीर आपराधिक कांड के अनुसंधान में लापरवाही एवं संदिग्ध कार्यशैली पर कार्रवाई।
  10. पंचानपुर (गयाजी): थानाध्यक्ष – प्राथमिकी दर्ज न करने और विधि सम्मत कार्रवाई न करने के आरोप में कार्रवाई।
  11. पंचानपुर (गयाजी): प्रभारी थानाध्यक्ष – थाने पर लाये गए आरोपी से पैसा लेकर मुक्त करने के आरोप में कार्रवाई।
  12. पंचानपुर (गयाजी): स.अ.नि. – थाने पर लाये गए आरोपी से पैसा लेकर मुक्त करने के आरोप में कार्रवाई।

यह कार्रवाई पुलिस बल के भीतर एक कड़ा संदेश है— “काम करो या रास्ता नापो।” आईजी का स्पष्ट मानना है कि कानून का राज सिर्फ किताबों में नहीं, जमीन पर दिखना चाहिए। कोई भी पुलिसकर्मी अगर जनता को परेशान करेगा या भ्रष्ट आचरण में संलिप्त पाया जाएगा, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।

जनता दरबार: जहां सीधे सुनी जा रही है फरियाद

जनता दरबार में पहुंचे फरियादी

पहले जहां पुलिस के आला अधिकारियों तक आम आदमी की पहुँच मुश्किल थी, वहीं अब आईजी कार्यालय के दरवाजे जनता के लिए खोल दिए गए हैं। मगध रेंज में यह पहली बार है जब इतने बड़े पैमाने पर ‘जनता दरबार’ का आयोजन हो रहा है।

आंकड़े गवाह हैं— इन तीन महीनों में 10,450 से ज्यादा लोगों ने सीधे आईजी से मुलाकात कर अपनी व्यथा सुनाई। इस दौरान 3,210 से अधिक लिखित शिकायतें प्राप्त हुईं, जिन पर त्वरित संज्ञान लेते हुए मातहत अधिकारियों को कार्रवाई के सख्त निर्देश दिए गए। अब थानों में लंबित पड़े मामलों की फाइलें तेजी से खुलने लगी हैं। इसके अलावा, हर महीने के दूसरे शनिवार को ‘लोक संवाद गोष्ठी’ का आयोजन किया जा रहा है, ताकि वरिष्ठ नागरिकों, अप्रवासी भारतीयों (NRIs) और समाज के कमजोर वर्गों की समस्याओं का मौके पर ही निपटारा किया जा सके।

90 दिनों का ‘रिपोर्ट कार्ड’: प्रमुख उपलब्धियां

  • गंभीर कांडों के लिए SIT: औरंगाबाद, गया और जहानाबाद में लूट, अपहरण और हत्या जैसे 6 बड़े मामलों को सुलझाने के लिए विशेष अनुसंधान दलों (SIT) का गठन किया गया।
  • अपहृत की बरामदगी: औरंगाबाद के ओबरा थाना क्षेत्र से अपहृत बच्चों को सकुशल बरामद किया गया। इसी जांच के दौरान 4 साल पुराने एक अन्य अपहरण कांड को सुलझाते हुए एक और बालक को मुक्त कराया गया।
  • हाईकोर्ट के निर्देश पर एक्शन: पटना उच्च न्यायालय के आदेश पर बेगूसराय के वीरपुर थाना कांड की जांच SIT को सौंपी गई, जिसने सफलतापूर्वक मामले का उद्भेदन कर 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।
  • सहयोग शिविर: गया जिले के बेलागंज, चेरकी, चंदौती और डोभी जैसे क्षेत्रों में जिला प्रशासन के साथ मिलकर शिविर लगाए गए, जहां आईजी ने खुद जाकर लोगों से सीधा संवाद किया।
  • शांतिपूर्ण ‘भारत बंद’: 24 से 26 जून तक आहूत भारत बंद के दौरान पुलिस के चुस्त पहरे से पूरे मगध क्षेत्र में जनजीवन पूरी तरह सामान्य और शांतिपूर्ण रहा।

निवेशकों के लिए ‘भयमुक्त मगध’ की ओर कदम

आईजी विकास वैभव का विजन केवल अपराध रोकना नहीं है, बल्कि मगध क्षेत्र की छवि बदलकर इसे निवेश के अनुकूल बनाना भी है। राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप, वे एक ऐसा माहौल तैयार कर रहे हैं जहां व्यापारी और निवेशक बिना किसी डर (रंगदारी या गुंडागर्दी) के नए उद्योग और स्टार्टअप लगा सकें।

जमीनी हकीकत को समझने के लिए उन्होंने खुद गया के मुफस्सिल थाने को ‘गोद’ लिया है। वे लगातार थानों, पुलिस कंट्रोल रूम और चेकपोस्टों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं।

मगध में पिछले 90 दिनों में पुलिसिंग का जो नया मॉडल उभर कर सामने आया है, उसने न सिर्फ अपराधियों में खौफ पैदा किया है, बल्कि आम आदमी के मन में खाकी के प्रति सम्मान और सुरक्षा की भावना को भी जगाया है। अब देखना यह है कि यह ‘जीरो टॉलरेंस’ की रफ्तार आने वाले दिनों में क्या नए कीर्तिमान स्थापित करती है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment

📰 Latest:
पितृपक्ष मेला 2026: यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे मुस्तैद, डीआरएम ने बारिश के बीच रात में किया गया स्टेशन का औचक निरीक्षण | मगध में अपराधियों के लिए खतरे की घंटी: आईजी विकास वैभव का सख्त अल्टीमेटम— ‘अपराध छोड़ें या मगध’ | नदी में डूबने से 15 वर्षीय किशोर की मौत, गांव में पसरा मातम | कोंच में लगातार दूसरे दिन नदी हादसा, एक और युवक डूबा | गया-कोडरमा रेलखंड पर भारी बारिश से टनल के पास लैंडस्लाइड, अप लाइन पर मलबा गिरने से कई ट्रेनें फंसी | बिजली का करंट बना काल, अदई गांव के युवक की गई जान | बिजली सुधार कार्य बना काल, करंट लगने से विद्युत मानव बल कर्मी की मौत | वैशाली: BPSC शिक्षिका ने किराये के मकान में लगाई फांसी, तीन माह पहले हुई थी लव मैरिज | ब्रेकिंग न्यूज: बिहटा में सोन नदी के बीच पुलिस और अपराधियों की भीषण मुठभेड़: टॉप-10 बदमाश को लगी गोली, एसआई भी घायल | गुरपा पर्वत वज्रपात बड़ा अपडेट: आसमानी कहर में 25 से अधिक श्रद्धालु झुलसे, पांच एंबुलेंस तैनात, एक गया रेफर |