बिहार के गया जिले के बेलागंज थाना अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) पर अवैध बालू माफियाओं का आतंक अब आम नागरिकों की जान पर भारी पड़ने लगा है। खनेटा गांव के समीप सड़क पर बिखरा बालू हादसों को खुला निमंत्रण दे रहा है। पिछले दो-तीन दिनों के भीतर यहाँ बालू पर फिसलकर कई बाइक सवार और राहगीर गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन की नींद टूटने का नाम नहीं ले रही।
मौत का जाल बनी सड़क, फिसल रहे वाहन

खनेटा गांव के पास एनएच की स्थिति ऐसी हो गई है कि सड़क का डामर बालू की परतों के नीचे दब गया है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, फिसलन इतनी अधिक है कि ब्रेक मारते ही वाहन अनियंत्रित होकर पलट जा रहे हैं। आए दिन हो रही इन घटनाओं से राहगीरों में खौफ का माहौल है।
रात के अंधेरे में माफियाओं का ‘ओवरलोड’ खेल
ग्रामीणों ने बताया कि अवैध बालू के कारोबार में लगे ट्रैक्टर-ट्रॉली रात के समय इस मार्ग पर बेखौफ होकर दौड़ते हैं।
- तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग: अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में ट्रैक्टरों पर क्षमता से अधिक बालू लादा जाता है, जो झटकों के साथ सड़क पर गिरता रहता है।
- पुलिस का डर या लापरवाही: पुलिस गश्ती दल के डर से कई बार ट्रैक्टर चालक पकड़े जाने के डर से सड़क पर ही बालू गिराकर भाग खड़े होते हैं।
प्रशासन और NHAI की ‘चुप्पी’ पर आक्रोश
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस गंभीर समस्या की जानकारी स्थानीय पुलिस प्रशासन और एनएचएआई (NHAI) को बार-बार दी गई है। बावजूद इसके, न तो सड़क से बालू हटाने की व्यवस्था की गई और न ही अवैध परिवहन पर लगाम लगी। जिम्मेदार विभागों की इस निष्क्रियता से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
ग्रामीणों की मांग: “सड़क से तत्काल बालू हटाई जाए और रात में चलने वाले अवैध बालू लदे ट्रैक्टरों पर सख्त कार्रवाई हो। अगर जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो किसी बड़े हादसे की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।”






