मगध लाइव न्यूज डेस्क |
फतेहपुर। गया जिले के फतेहपुर प्रखंड में पंचायत चुनाव से ठीक पहले सियासी पारा चढ़ गया है। प्रखंड प्रमुख अनिता देवी और उपप्रमुख रणधीर यादव की कुर्सी पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। असंतोष की आग अब अविश्वास प्रस्ताव की शक्ल ले चुकी है, जहां प्रखंड के कुल 25 में से 14 पंचायत समिति सदस्यों ने एकजुट होकर मोर्चा खोल दिया है।
मनमानी का आरोप और लामबंदी
पूर्व उपप्रमुख दिलीप यादव के नेतृत्व में लामबंद हुए सदस्यों ने प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी (BPRO) प्रमोद कुमार को विधिवत आवेदन सौंपा है। असंतुष्ट सदस्यों का मुख्य आरोप है कि वर्तमान प्रमुख और उपप्रमुख द्वारा विकास कार्यों में मनमानी की जा रही है और अन्य सदस्यों को विश्वास में नहीं लिया जा रहा है।
मोर्चा संभालने वाले प्रमुख चेहरे:
- दिलीप यादव (पूर्व उपप्रमुख)
- उषा देवी
- उम्दा देवी
- राजेश यादव
दूसरी कोशिश में बढ़ी मुश्किलें
यह पहली बार नहीं है जब प्रमुख और उपप्रमुख को हटाने की कोशिश की गई है। इससे पहले भी 8 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव का आवेदन दिया था, लेकिन तकनीकी मानकों पर खरा न उतरने के कारण उसे रद्द कर दिया गया था। हालांकि, इस बार 14 सदस्यों (बहुमत का आंकड़ा) के साथ आने से समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं।
क्या कहता है सियासी समीकरण?
फतेहपुर प्रखंड की राजनीति फिलहाल दो गुटों में स्पष्ट रूप से बंटी नजर आ रही है। पंचायत चुनाव में अब महज 6 महीने का समय शेष है, ऐसे में इस ‘राजनीतिक भूचाल’ ने प्रशासनिक गलियारों में भी हलचल तेज कर दी है।
आगे क्या होगा?
नियमों के मुताबिक, अब पंचायती राज पदाधिकारी इस आवेदन की समीक्षा करेंगे और विशेष बैठक की तिथि निर्धारित की जा सकती है। यदि 14 सदस्य एकजुट रहते हैं, तो फतेहपुर प्रखंड में सत्ता परिवर्तन तय माना जा रहा है। स्थानीय चौक-चौराहों पर चर्चा आम है कि क्या प्रमुख अपनी कुर्सी बचा पाएंगी या फतेहपुर को नया नेतृत्व मिलेगा।
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