रिपोर्ट: देवब्रत मंडल

गयाजी। हावड़ा–जोधपुर एक्सप्रेस में यात्री धनंजय शाश्वत से सोना लूटने के मामले में फरार चल रहे गया रेल थाना के चार सिपाहियों और दो निजी व्यक्तियों के खिलाफ रेल न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने न्यायालय से वारंट प्राप्त कर लिया है।
गिरफ्तारी वारंट जिन आरोपितों के खिलाफ निर्गत हुआ है, उनमें सिपाही करण कुमार, अभिषेक चतुर्वेदी, रंजय कुमार और आनंद मोहन के साथ दो निजी व्यक्ति—परवेज आलम तथा रेल थाना का पूर्व चालक सीताराम उर्फ अमन शर्मा शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, यदि आरोपित शीघ्र गिरफ्तारी या आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो उनके विरुद्ध इश्तिहार जारी कर आगे कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।
घटना का क्रम
ज्ञात हो 21 नवंबर 2025 को कानपुर के स्वर्ण व्यवसायी मनोज सोनी का कर्मी धनंजय शाश्वत हावड़ा–बीकानेर एक्सप्रेस से सोना लेकर यात्रा कर रहा था। कथित रूप से सूचना मिलने पर गया रेल थाना के चार सिपाही और दो निजी व्यक्ति कोडरमा में ट्रेन पर सवार हुए। गया पहुंचने से पहले धनंजय के साथ मारपीट कर उसके पास से सोना छीन लिया गया।
एफआईआर और एसआईटी जांच
घटना की जानकारी रेल पुलिस के वरीय अधिकारियों तक पहुंचने के बाद 29 नवंबर को गया रेल थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई। मामला संवेदनशील होने के कारण रेल पुलिस, पटना द्वारा एसआईटी गठित कर जांच कराई गई। जांच में चारों सिपाहियों और दोनों निजी व्यक्तियों के साथ तत्कालीन थानाध्यक्ष की भी संलिप्तता पाई गई।
प्रशासनिक कार्रवाई
जांच निष्कर्षों के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए थानाध्यक्ष सहित चारों सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया। थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह को न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है, जबकि चारों सिपाही और दोनों निजी व्यक्ति फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए रेल न्यायालय में वारंट के लिए आवेदन किया गया था, जिस पर सोमवार को न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया।
आगे की प्रक्रिया
रेल पुलिस का कहना है कि वारंट की तामील के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश तेज की जा रही है। तय अवधि में गिरफ्तारी या आत्मसमर्पण नहीं होने की स्थिति में कानून के तहत इश्तिहार और कुर्की की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।






