जहानाबाद। आधुनिक तकनीक अक्सर अपने साथ कई सवाल और आशंकाएं लेकर आती है। स्मार्ट मीटर को लेकर भी कुछ ऐसा ही माहौल जहानाबाद के ग्रामीण इलाकों में देखने को मिल रहा था। इसी डर और भ्रम के कुहासे को छांटने के लिए दक्षिण बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने एक सार्थक पहल शुरू की है। जिले के गांव-गांव में ‘स्मार्ट मीटर पखवाड़ा’ के तहत बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी खुद पहुंच रहे हैं ताकि उपभोक्ताओं के मन की कड़वाहट को भरोसे में बदला जा सके।

जहानाबाद के रतनी प्रखंड के उचीटा, शेसम्बा और रतनी पंचायत के लोग तब चौंक गए जब बिजली विभाग की टीम किसी कार्रवाई के लिए नहीं बल्कि उनसे सीधा संवाद करने और उनकी शंकाएं सुनने पहुंची। आयोजित ग्राम सभाओं में विभाग के कर्मियों ने बहुत ही सरल और स्थानीय भाषा में लोगों को समझाया कि स्मार्ट मीटर कोई जटिल मशीन नहीं, बल्कि उनके हित में उठाया गया एक पारदर्शी कदम है।

अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि स्मार्ट मीटर लग जाने के बाद अब उन्हें गलत रीडिंग या अनाप-शनाप बिल की चिंताओं से मुक्ति मिल जाएगी। मानवीय हस्तक्षेप खत्म होने से बिजली चोरी और बिलिंग की त्रुटियां बीते जमाने की बात हो जाएंगी। अब उपभोक्ता केवल उतनी ही बिजली का पैसा देंगे जितनी उन्होंने वास्तव में खर्च की है। सबसे खास बात यह है कि मोबाइल ऐप के जरिए अब घर का हर सदस्य यह देख सकता है कि दिन भर में कितनी बिजली खर्च हुई, जिससे फिजूलखर्ची पर लगाम लगाना आसान हो गया है।

जागरूकता का यह अभियान सिर्फ कागजों या सभाओं तक सीमित नहीं है। रतनी और मखदुमपुर क्षेत्र के प्रमुख चौक-चौराहों पर रंग-बिरंगी केनोपी लगाकर बिजली विभाग के लोग राहगीरों को भी रोककर तकनीक की बारीकियां समझा रहे हैं। ग्रामीणों ने भी इस अनूठी पहल का दिल खोलकर स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि पहले वे डर रहे थे कि स्मार्ट मीटर आने से उनका खर्च बढ़ जाएगा, लेकिन जब अधिकारियों ने आमने-सामने बैठकर शंकाओं का समाधान किया, तो अब वे इस बदलाव को अपनाने के लिए तैयार हैं।
बिजली विभाग की यह सक्रियता यह बताती है कि किसी भी तकनीकी क्रांति को सफल बनाने के लिए विश्वास का पुल बनाना सबसे जरूरी है। जहानाबाद की इन पंचायतों से शुरू हुआ यह संवाद अब धीरे-धीरे पूरे जिले में बिजली उपभोक्ताओं के बीच नई उम्मीद जगा रहा है।






