गयाजी | जिले में परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़े कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने आज विभिन्न विकास परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को पारदर्शी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से न केवल गया बल्कि आसपास के कई जिलों की आवाजाही और पर्यटन विकास को एक नई दिशा मिलेगी।
गया से बिहार शरीफ के बीच बेहतर कनेक्टिविटी के लिए एनएच-82 का होगा कायाकल्प
गया के भिंडस मोड़ से वनगंगा तक के पथ का चौड़ीकरण जिला प्रशासन की प्राथमिकता सूची में शीर्ष पर है। लगभग 34.88 किलोमीटर लंबी इस सड़क परियोजना के पूर्ण होने से गया, हिसुआ, राजगीर और बिहार शरीफ जाने वाले यात्रियों को एक सुगम मार्ग उपलब्ध होगा, जिससे यात्रा समय में काफी बचत होगी। इस महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना के तहत 27 मौजा की कुल 49 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जानी है, जिससे 798 रैयत जुड़े हुए हैं। जिलाधिकारी ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को तत्काल प्रारंभिक सूचना का प्रकाशन करने का आदेश दिया है। साथ ही अंचलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे संबंधित रैयतों के भू-दस्तावेजों को अद्यतन करें और स्थानीय लोगों से दावा-आपत्ति प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू करें ताकि गजट प्रकाशन का मार्ग प्रशस्त हो सके।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की सुरक्षा और सुगमता हेतु गया हवाई अड्डे का होगा आधुनिकीकरण
गया की वैश्विक महत्ता को देखते हुए गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का विस्तार किया जा रहा है। हवाई अड्डे को आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित करने के लिए कैट-01 लाइट सिस्टम की स्थापना की जानी है, जिसके लिए 18.2442 एकड़ भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है। यह तकनीक अंतरराष्ट्रीय विमानों के सुरक्षित संचालन में निर्णायक भूमिका निभाती है। इस योजना से कुल 49 रैयत प्रभावित होंगे। जिलाधिकारी ने नगर एवं बोधगया अंचल के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे भू-स्वामी रैयतों के दस्तावेजों का सत्यापन तेज करें और आज ही प्रारंभिक सूचना प्रकाशित करवाते हुए दावा-आपत्ति की प्रक्रिया को गति दें, ताकि अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को बढ़ावा देने वाली इस परियोजना में कोई विलंब न हो।






