गया। डिजिटल कृषि मिशन के तहत गया जिले में किसानों के पंजीकरण (फार्मर रजिस्ट्री) का कार्य व्यापक स्तर पर जारी है। इस क्रम में जिला पदाधिकारी, गया एवं अपर समाहर्ता (राजस्व), गया ने विभिन्न प्रखंडों में संचालित फार्मर रजिस्ट्री कैम्पों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

जिले के सभी 22 प्रखंडों की प्रत्येक पंचायत में फार्मर रजिस्ट्री के लिए कुल 311 कैम्प दो चरणों में संचालित किए जा रहे हैं। पहला चरण 06 जनवरी से 09 जनवरी तक तथा दूसरा चरण 18 जनवरी से 21 जनवरी तक आयोजित किया जाएगा। इन कैम्पों में किसानों की ई-केवाईसी, भूमि संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन कर फार्मर आईडी तैयार की जा रही है।
जिला प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अब तक 23,022 किसानों ने फार्मर रजिस्ट्री करा ली है। इनमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के 15,775 लाभुक शामिल हैं। वहीं, खबर लिखे जाने तक हाल के दिनों में 1,717 किसानों का नया पंजीकरण किया जा चुका है।
कैम्पों के सफल संचालन के लिए प्रखंड कृषि पदाधिकारी, पंचायत स्तर के कृषि समन्वयक, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक, सहायक तकनीकी प्रबंधक, किसान सलाहकार तथा राजस्व विभाग के कर्मचारी मौके पर मौजूद रहकर किसानों का पंजीकरण कर रहे हैं। इसके साथ ही किसी भी तकनीकी समस्या के त्वरित समाधान के लिए मुख्यालय स्तर पर क्विक रिस्पांस टीम (QRT) का गठन किया गया है।

फार्मर रजिस्ट्री कार्य की नियमित निगरानी के तहत अपर समाहर्ता (राजस्व) श्री परितोष कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहत्र्ता, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारियों द्वारा विभिन्न प्रखंडों में कैम्पों का निरीक्षण किया गया है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त का लाभ लेने के लिए फार्मर रजिस्ट्री कराना अनिवार्य है। जो किसान निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीकरण नहीं कराएंगे, वे योजना के लाभ से वंचित रह सकते हैं। प्रशासन ने शेष किसानों से अपील की है कि वे नजदीकी कैम्प में पहुंचकर समय रहते फार्मर रजिस्ट्री अवश्य करा लें।






