मगध लाइव न्यूज़ संवाददाता | गया
गया के सुकना महादेव मंदिर के समीप स्थित श्री ‘लक्ष्मी-वेंकटेश-निलयम’ के प्रांगण में इन दिनों दस दिवसीय गणेशोत्सव की धूम अपने चरम पर है। विगत दो वर्षों के अंतराल के बाद इस वर्ष यह उत्सव अपनी पुरानी भव्यता और पारंपरिक उल्लास के साथ पूरी ऊर्जा में लौट आया है। गणपति नवरात्र उत्सव 2026 के इस पावन अवसर पर प्रतिदिन शुभ आरती और पूजा-अर्चना के साथ-साथ लगातार रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला चल रही है। उत्सव में हर दिन गायन, वादन, लेखन और वाद-विवाद जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित हो रही हैं, जिसमें स्थानीय लोग भारी संख्या में अपनी उल्लासपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित कर रहे हैं।
परिधान और केश-सज्जा प्रतियोगिता में दिखा महिलाओं का उत्साह
इस दस दिवसीय आयोजन में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रतियोगिताओं का खाका तैयार किया गया है। मेहंदी और साज-सज्जा के सफल आयोजनों के बाद मंगलवार की संध्या महिलाओं के लिए ‘केश-सज्जा सह परिधान सौंदर्य प्रतियोगिता’ का भव्य आयोजन किया गया। भारतीय पारंपरिक परिधानों में सजी-धजी महिलाओं ने अपने हुनर और सौंदर्य से पूरे कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। इस बहुप्रतीक्षित और रोचक प्रतियोगिता में किरण खेर ने अपने शानदार प्रदर्शन से प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं, इशिता मराठे ने द्वितीय और इनर व्हील क्लब, बोधगया की सदस्या हर्षा सिन्हा ने तृतीय स्थान प्राप्त कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। इस पूरे कार्यक्रम के सफल और सुव्यवस्थित संचालन में सुमिक्षा और अदिति आचार्या की विशेष भूमिका रही।
विजेताओं को मिला सम्मान, नन्ही बच्चियों के उत्साह ने मोहा मन
प्रतियोगिता के समापन अवसर पर निर्णायक मंडली द्वारा घोषित सभी विजेता महिलाओं को विशेष उपहार देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने वाली अन्य सभी प्रतिभागियों का हौसला बढ़ाने के लिए उन्हें भी प्रोत्साहन स्वरूप उपहार भेंट किए गए। इस आयोजन का सबसे दिलचस्प और मनमोहक पहलू यह रहा कि भले ही यह कार्यक्रम मुख्य रूप से महिलाओं के लिए था, लेकिन छोटी बच्चियों का उत्साह भी देखते ही बन रहा था। भारतीय परिधानों में सज-धज कर कार्यक्रम में पहुंचीं इन नन्ही बच्चियों की खुशी को देखते हुए आयोजन के संयोजक पंडित अरुण आचार्या ने उन्हें भी विशेष रूप से प्रोत्साहित किया। पंडित आचार्या ने सभी बच्चियों को उपहार बांटे, जिसे पाकर बच्चियों के चेहरे खुशी से खिल उठे और इस पूरे उत्सव में एक अलग ही उल्लास भर गया।






