गयाजी। बिहार के बहुचर्चित गया रेल थाना सोना लूटकांड में मुख्य आरोपी और निलंबित थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह की किस्मत का फैसला कल यानी 20 जनवरी को होगा। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मदन किशोर कौशिक की अदालत में उनकी नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई होनी तय है। इससे पहले 17 जनवरी को सुनवाई होनी थी, लेकिन कतिपय कारणों से इसे टाल दिया गया था।
खाकी पर लगा दाग: 1.40 करोड़ के सोने की लूट
यह पूरा मामला गया रेल थाना कांड संख्या 334/2025 से जुड़ा है। घटना 21 नवंबर 2025 की है, जब हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस के साधारण कोच में सफर कर रहे धनंजय शास्वत नामक यात्री से जीआरपी के जवानों और उनके सहयोगियों ने करीब एक किलोग्राम सोना लूट लिया था।
जब्त किए गए सोने की बाजार में कीमत लगभग 1.40 करोड़ रुपये आंकी गई है। पीड़ित धनंजय, स्वर्ण व्यवसायी मनोज सोनी का सोना लेकर जयपुर जा रहा था, तभी गया रेल थाना क्षेत्र में उसके साथ मारपीट की गई और डरा-धमकाकर सोना छीन लिया गया।
जेल में बंद हैं थानाध्यक्ष, सिपाही अब भी फरार
मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह को 31 दिसंबर 2025 को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था और वे फिलहाल गया सेंट्रल जेल में बंद हैं। इससे पहले एसीजेएम (ACJM) कोर्ट उनकी जमानत याचिका खारिज कर चुका है।
- नामजद आरोपी: निलंबित थानाध्यक्ष के अलावा चार सिपाही, पूर्व ड्राइवर सीताराम उर्फ अमन शर्मा और एक अन्य नागरिक मो. परवेज आरोपी हैं।
- फरार आरोपी: पुलिस के चारों सिपाही और दोनों नागरिक अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
- पुलिसिया लापरवाही: केस के अनुसंधान में कोताही बरतने के आरोप में आईओ (Investigating Officer) वीरेंद्र प्रसाद को भी निलंबित किया जा चुका है।
बीएनएस (BNS) की गंभीर धाराओं में दर्ज है केस
गया रेल थाना पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सख्त धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इसमें लूट, मारपीट, साजिश रचने और साक्ष्य मिटाने जैसी धाराएं (309(4), 310(2), 308, 61, 120B आदि) शामिल हैं। वर्तमान में पटना रेल मुख्यालय के डीएसपी के नेतृत्व में गठित एसआईटी (SIT) इस हाई-प्रोफाइल मामले की परतें खंगाल रही है।
“निलंबित थानाध्यक्ष की ओर से अधिवक्ता राजीव कुमार सिंह ने जमानत याचिका दायर की है। देखना यह होगा कि कोर्ट फरार सिपाहियों और साक्ष्यों के आधार पर कल क्या रुख अपनाता है।”






