फतेहपुर (मगध लाइव न्यूज)। बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा के परिणाम आने के बाद जहाँ गया जिले के घरों में खुशियों का माहौल था, वहीं फतेहपुर थाना क्षेत्र के चपरी मोड़ के पास मंगलवार को हुए एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। जिस घर में कल तक मिठाई बंट रही थी, आज वहाँ से दो अर्थियाँ एक साथ उठीं।
मिठाई लाने जा रहे थे छात्र, काल बनकर आया ट्रैक्टर

जानकारी के अनुसार, रघवाचक निवासी राहुल, रौशन और विपिन ने मैट्रिक की परीक्षा में 400 से अधिक अंक प्राप्त कर गांव का नाम रोशन किया था। मंगलवार को धरहरा कलां स्थित ERC कोचिंग संस्थान में इन होनहारों को सम्मानित करने का कार्यक्रम था। शिक्षक मुकेश कुमार बच्चों के लिए मोमेंटो और फूल लेने बाजार गए थे, वहीं तीनों छात्र अपने गुरुजनों और परिजनों का मुंह मीठा कराने के लिए बाइक से मिठाई लाने फतेहपुर बाजार जा रहे थे।
इसी दौरान चपरी मोड़ के समीप पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों छात्र सड़क पर गिर गए और ट्रैक्टर उन्हें कुचलता हुआ निकल गया। इस हादसे में राहुल कुमार और रौशन कुमार की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि विपिन गंभीर रूप से घायल हो गया।
इकलौते चिराग बुझने से गांव में कोहराम

इस घटना ने दो परिवारों के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है। मृतक रौशन कुमार अपने पिता विनोद यादव का इकलौता पुत्र था। उसने मैट्रिक में 442 अंक लाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। वहीं, घायल विपिन भी अपने माता-पिता की एकमात्र संतान है, जिसकी हालत नाजुक बनी हुई है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए गया रेफर कर दिया गया है।
मौके पर मौजूद धरहरा कलां पंचायत के मुखिया अमरेंद्र कुमार उर्फ दरोगी यादव , पूर्व मुखिया प्रतिनिधि रविन्द्र यादव, समाजसेवी छोटू यादव, पूर्व मुखिया मिथलेश यादव सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने जिला प्रशासन ने मृतक छात्रों के लिए उचित मुआवजे की मांग किया। मुखिया दरोगी यादव ने कहा कि फतेहपुर थाना क्षेत्र में बालू और मिट्टी ढोने का काम नशे में डूबे ट्रैक्टर ड्राइवर करता है। और आए दिन ऐसी घटनाएं घट रही है और प्रशासन केवल शराब तस्करों को पकड़ने में व्यस्त है।
पुलिस की देरी पर भड़का ग्रामीणों का गुस्सा
हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ट्रैक्टर चालक ने वाहन घुमाकर भागने की कोशिश की, लेकिन भीड़ को देख वह ट्रैक्टर छोड़कर फरार हो गया। घटना के करीब दो घंटे बाद पुलिस के पहुंचने पर लोगों ने जमकर हंगामा किया और पहाड़पुर-रघवाचक मार्ग को जाम कर दिया। बाद में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और फतेहपुर थाना प्रभारी मनोज कुमार के समझाने-बुझाने के बाद मामला शांत हुआ और पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।
शिक्षक मुकेश कुमार ने रोते हुए कहा: “आज हम जश्न की तैयारी कर रहे थे और आज ही सब कुछ बिखर गया। होनहार बच्चे जो देश का भविष्य थे, वे सड़क की लापरवाही की भेंट चढ़ गए।”
मगध लाइव न्यूज प्रशासन से अपील करता है कि अनियंत्रित ट्रैक्टरों की रफ्तार पर लगाम कसी जाए ताकि फिर किसी घर का चिराग इस तरह न बुझे।






