बोधगया| मगध लाइव संवाददाता
महाबोधि सांस्कृतिक केंद्र के सभाकक्ष में शुक्रवार को जिला स्तरीय विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (DISHA) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता माननीय केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री सह सांसद (गया), श्री जीतन राम मांझी ने की। बैठक में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई और क्षेत्र की समस्याओं के त्वरित निष्पादन हेतु अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए।
जन-सरोकार और विकास पर केंद्रित रहा संबोधन

बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री जीतन राम मांझी ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से अपील की कि वे सकारात्मक समन्वय के साथ जन-सरोकार के मुद्दों को उठाएं। उन्होंने कहा, “हमारा मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की समस्याओं का अधिक से अधिक निदान करना है, ताकि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे।” उन्होंने गया जिले में हो रहे विकास कार्यों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि सुदूर क्षेत्रों में बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा की स्थिति में व्यापक सुधार हुआ है।
प्रमुख निर्णय एवं निर्देश:
- पंचायत सरकार भवन: माननीय सांसद ने निर्देश दिया कि पंचायत सरकार भवन का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर उसी पंचायत के मुख्यालय या ग्राम में किया जाए। जमीन की अनुपलब्धता की स्थिति में ही दूसरे निकटतम स्थान पर विचार हो।
- आवास विहीन परिवारों को पर्चा: गया कंडी के आजाद बिगहा में रह रहे 46 आवास विहीन परिवारों को जल्द पर्चा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने बताया कि इसकी कागजी प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
- स्वास्थ्य सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण: बोधगया के अंतरराष्ट्रीय महत्व को देखते हुए सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ECG, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जैसी सभी अत्याधुनिक सुविधाएं मुकम्मल रखी जाएं।
- नल-जल योजना: बंद पड़ी योजनाओं को चालू करने हेतु जांच टीम के गठन का निर्देश दिया गया। खराब स्टार्टर या मोटर जैसी छोटी तकनीकी खामियों को तत्काल दूर करने को कहा गया।
- सड़क और पुल निर्माण: भदया-शर्मा-लारू मार्ग के चौड़ीकरण और पिंडा गांव के पास नदी पर पुल निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया गया। साथ ही जर्जर पुलों के स्थान पर नए पुल बनाने का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया।
जनप्रतिनिधियों ने उठाईं स्थानीय समस्याएं:
बैठक में उपस्थित अन्य गणमान्य सदस्यों ने भी अपने क्षेत्रों की समस्याओं को प्रमुखता से रखा: - राज्यसभा सांसद श्री भीम सिंह एवं विभिन्न विधायकों ने सड़कों की स्थिति और प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा की।
- विधायक (टिकारी) ने अधिकारियों की अनुपस्थिति पर आपत्ति जताई, जिस पर केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिया कि पंचायत समिति की बैठकों में नामित अधिकारी स्वयं उपस्थित रहें।
- विधायक (बाराचट्टी) ने जीटी रोड पर होने वाली दुर्घटनाओं के मद्देनजर अस्पतालों में रात्रि में भी डॉक्टरों की अनिवार्य उपस्थिति की मांग की।
- विधायक (बेलागंज) ने डीलर द्वारा कम अनाज दिए जाने और पइन पर अवैध कब्जे (अतिक्रमण) का मुद्दा उठाया।
- विधायक (बोधगया) ने दो-मुहान पर वाहन चेकिंग के पैटर्न में बदलाव और पर्यटकों की सुविधा हेतु लैंडमार्क साइनबोर्ड लगाने का सुझाव दिया।
कृषि और जल संचयन पर जोर

खाद की कालाबाजारी पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि पिछले तीन महीनों में 16 लाइसेंस रद्द किए गए हैं। वहीं, ‘जल जीवन हरियाली’ योजना के तहत पहाड़ी क्षेत्रों में वर्षा जल संचयन हेतु तालाबों को पहाड़ों से जोड़ने और उनके जीर्णोद्धार का निर्देश दिया गया ताकि पेयजल संकट का स्थायी समाधान हो सके।
समन्वय से होगा विकास
बैठक के अंत में वन विभाग और जिला प्रशासन के बीच समन्वय की कमी के कारण रुकी हुई सड़कों के निर्माण को लेकर उप विकास आयुक्त को बैठक कर मामलों के निष्पादन का निर्देश दिया गया।
बैठक में जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर, विधान पार्षद डॉ. कुमुद वर्मा, विभिन्न प्रखंडों के प्रमुख, जिला परिषद अध्यक्ष एवं अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे। धन्यवाद ज्ञापन अपर समाहर्ता द्वारा किया गया।






