मगध लाइव न्यूज़ डेस्क | डीडीयू
पंडित दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) रेल मंडल में गुरुवार को बिना टिकट सफर करने वाले यात्रियों के खिलाफ रेलवे ने एक बड़ा और कड़ा प्रहार किया है। डीडीयू जंक्शन, गया, सासाराम और डेहरी ऑन सोन जैसे प्रमुख स्टेशनों पर रेलवे प्रशासन ने अचानक ‘किलेबंदी’ कर सघन टिकट जांच अभियान चलाया। इस महा-अभियान के तहत स्टेशनों के सभी निकास और प्रवेश द्वारों को घेरकर सघन चेकिंग की गई, जिससे नियम तोड़कर यात्रा करने वालों के बीच हड़कंप मच गया। रेलवे की इस त्वरित कार्रवाई ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि बिना वैध टिकट के यात्रा करने की कोई भी कोशिश अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
71 कर्मचारियों की विशेष टीम और 607 बेटिकट यात्री इस धारदार जांच अभियान को सफल बनाने के लिए डीडीयू मंडल ने पूरी रणनीति के तहत 71 कर्मचारियों की एक विशेष टीम को मैदान में उतारा था। स्टेशन के हर प्लेटफॉर्म और ट्रेन के डिब्बों में चेकिंग स्टाफ ने पैनी नजर रखी। इस सख्त चेकिंग के दौरान कुल 607 ऐसे मामले सामने आए, जहां यात्री बिना टिकट या फिर अनियमित टिकट पर सफर कर रहे थे। मौके पर ही इन सभी बेटिकट यात्रियों से जुर्माना और बकाया किराया वसूलते हुए रेलवे ने कुल ₹4,92,385 का भारी-भरकम राजस्व सरकारी खजाने में जमा कराया। यह कार्रवाई न केवल राजस्व बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण रही, बल्कि रेल नियमों के पालन को लेकर एक कड़ा अनुशासन भी स्थापित कर गई।
रेलवे की सख्त हिदायत, वैध साधनों का करें इस्तेमाल इस सफल और सघन अभियान के बाद डीडीयू मंडल के जनसंपर्क अधिकारी ने आम यात्रियों के लिए एक सख्त लेकिन जरूरी अपील जारी की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्री सम्मानजनक और सुरक्षित यात्रा के लिए हमेशा उचित टिकट लेकर ही सफर करें। यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने टिकट बुकिंग के कई आसान विकल्प मुहैया करा रखे हैं, जिनमें पारंपरिक आरक्षण और अनारक्षित टिकट काउंटर के अलावा एटीवीएम (ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन), आईआरसीटीसी (IRCTC) की आधिकारिक वेबसाइट और रेलवन (RailOne) ऐप शामिल हैं। रेलवे ने साफ तौर पर अनुरोध किया है कि असुविधा और जुर्माने से बचने के लिए इन डिजिटल और सुलभ माध्यमों का उपयोग करें तथा भारतीय रेल के नियमों का पूरी तरह से पालन करें।







