मगध लाइव न्यूज़ डेस्क | गयाजी
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी) की संयुक्त टीम ने ‘ऑपरेशन रेल प्रहरी’ के तहत एक बड़ी और ऐतिहासिक कामयाबी हासिल की है। उड़ीसा के क्योंझर जिले में एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल करने वाले पांच अपराधियों को गया रेलवे स्टेशन से धर दबोचा गया है। ये सभी अपराधी उड़ीसा पुलिस की पकड़ से बचने के लिए पुरुषोत्तम एक्सप्रेस से दिल्ली की ओर भाग रहे थे, लेकिन गया स्टेशन पर उड़ीसा पुलिस के इनपुट और स्थानीय रेल सुरक्षा बलों की तत्परता से उनके मंसूबों पर पानी फिर गया।

उड़ीसा पुलिस के अलर्ट पर गया में बिछाया गया जाल उड़ीसा के क्योंझर पुलिस के इंस्पेक्टर सोरूफ नायक ने गया पुलिस को इन अंतरराज्यीय अपराधियों के संबंध में एक महत्वपूर्ण और त्वरित गुप्त सूचना दी थी। सूचना में बताया गया था कि क्योंझर के तूरामूंगा थाना क्षेत्र में इन पांचों ने एक व्यक्ति पर गंभीर हमला किया है और फरार हैं। इनके खिलाफ तूरामूंगा थाने में 29 सितंबर 2026 को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आर्म्स एक्ट की बेहद गंभीर धाराओं में नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद उड़ीसा पुलिस ने इनकी तस्वीरें और विवरण गया आरपीएफ को साझा करते हुए बताया कि ये अपराधी ट्रेन संख्या 12801 पुरुषोत्तम एक्सप्रेस से दिल्ली भाग रहे हैं।
संयुक्त टीम की सघन छापेमारी और गिरफ्तारी इस सटीक इनपुट के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरपीएफ इंस्पेक्टर बनारसी यादव और जीआरपी थानाध्यक्ष शिवकुमार के नेतृत्व में एक विशेष संयुक्त टीम का गठन किया गया। जैसे ही पुरुषोत्तम एक्सप्रेस गया स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंची, टीम ने सतर्कता बरतते हुए जनरल कोच में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया। इस दौरान उड़ीसा पुलिस द्वारा भेजी गई तस्वीरों से मिलान कर माइकल संतोष, माइकल विक्रम, माइकल कन्हैया, कावड़ी गणपति और नायडू प्रधान को तुरंत पहचान लिया गया और उन्हें ट्रेन से नीचे उतार कर हिरासत में ले लिया गया।
कड़ी पूछताछ के बाद उड़ीसा पुलिस को किया गया सुपुर्द हिरासत में लिए गए इन सभी संदिग्धों से सुरक्षाबलों ने कड़ाई से पूछताछ की, जिसके बाद उनकी पहचान पूरी तरह से सुनिश्चित हो गई। इसके तत्काल बाद रेल थाना गया ने उड़ीसा पुलिस की टीम को इस सफलता की आधिकारिक सूचना दी। सूचना मिलने पर उड़ीसा पुलिस के इंस्पेक्टर सोरूफ नायक अपनी टीम के साथ गया पहुंचे, जहां कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद सभी पांचों आरोपियों को सुरक्षित रूप से उनके हवाले कर दिया गया। अंतरराज्यीय पुलिस समन्वय और त्वरित कार्रवाई के इस उत्कृष्ट उदाहरण के लिए उड़ीसा पुलिस ने गया आरपीएफ और जीआरपी को विशेष रूप से धन्यवाद दिया है।






