मगध लाइव न्यूज़ डेस्क | गया
इन दिनों अगर आपके पास भी क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने या आसान किश्तों पर लोन दिलाने वाले अनजान कॉल आ रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है। साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गया पुलिस ने एक ऐसे ही शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो बंद कमरों में बैठकर लोगों की गाढ़ी कमाई पर डाका डाल रहा था। वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत 26 अक्टूबर 2026 को पुलिस की एक विशेष टीम ने खरखुरा डेल्हा स्थित एक मकान की घेराबंदी कर इस गोरखधंधे को चलाने वाले दो शातिर ठगों को धर दबोचा। पुलिस बल को देखकर भागने की कोशिश कर रहे इन अपराधियों की पहचान गया जिले के टिकारी निवासी अजीत कुमार और अरवल जिले के कुर्था निवासी दीपक कुमार के रूप में हुई है।

फर्श पर बिछे गद्दे से चलता था ठगी का ‘कंट्रोल रूम’, फर्जी दस्तावेजों का जखीरा बरामद मकान की तलाशी के दौरान पुलिस के भी उस वक्त होश उड़ गए जब कमरे के फर्श पर बिछे गद्दे पर साइबर ठगी का पूरा सेटअप चलता हुआ पाया गया। छापेमारी के दौरान मौके से पुलिस ने 11 मोबाइल फोन, 11 सिम कार्ड, एक लैपटॉप का चार्जर, दो आधार कार्ड, एक पैन कार्ड, एक डेबिट कार्ड और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में बरामद किए गए दोनों आधार कार्ड और सभी 11 सिम कार्ड पूरी तरह से फर्जी पाए गए हैं, जिनका इस्तेमाल पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए किया जा रहा था। कड़ाई से पूछताछ करने पर पकड़े गए आरोपियों ने यह सनसनीखेज कबूलनामा किया कि वे लंबे समय से आम लोगों को क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने और लोन पास कराने का झूठा झांसा देकर साइबर ठगी का शिकार बना रहे थे।

लाखों की ठगी का हिसाब-किताब, साइबर पोर्टल की जांच में खुले शातिरों के काले चिट्ठे गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने जब्त किए गए सभी स्मार्टफोन्स और नंबरों का साइबर पोर्टल के माध्यम से गहराई से विश्लेषण किया, तो ठगी के इस बड़े नेटवर्क की परतें खुलने लगीं। जांच में सामने आया कि गिरोह द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे सैमसंग (A 06) मोबाइल पर तीन अलग-अलग ठगी की शिकायतें दर्ज हैं, जिनमें 1,02,371 रुपये की विवादित राशि शामिल है। इसी तरह विवो (V-50) के फोन पर 37,873 रुपये की ठगी की एक शिकायत दर्ज मिली। इसके अलावा ठगों के पास से मिले एप्पल (मॉडल एक्स आर), वन प्लस (मॉडल सीई-4) और एक चालू मोबाइल नंबर (6207768729) पर भी धोखाधड़ी की एक-एक शिकायतें सामने आई हैं। इस गंभीर आपराधिक मामले में साइबर थाना में कांड संख्या- 155/26 (दिनांक- 26.10.2026) दर्ज कर लिया गया है और पुलिस गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है।






