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गया-कोडरमा रेल खंड: पहाड़पुर फाटक बना ‘मुसीबतों का फाटक’, घंटों जाम में पिस रही जनता, प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

On: Saturday, April 25, 2026 6:00 PM

फतेहपुर (गया)। गया-कोडरमा रेल खंड पर स्थित पहाड़पुर रेलवे फाटक इन दिनों राहगीरों के लिए किसी दुःस्वप्न से कम नहीं है। ग्रैंड कॉर्ड रूट, जो देश के सबसे व्यस्ततम रेल मार्गों में से एक है, यहाँ हर 10-15 मिनट में गिरता फाटक और घंटों का महाजाम अब स्थानीय लोगों की नियति बन चुका है। आलम यह है कि शादियों के इस सीजन और भीषण गर्मी में आम जनता, स्कूली बच्चे और गंभीर मरीज सड़कों पर रेंगने को मजबूर हैं, लेकिन प्रशासन ‘कुंभकर्णी’ नींद सोया हुआ है।

खोखले आश्वासन और जनता का दर्द

हाल ही में केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने क्षेत्र का दौरा किया और एक बार फिर वही पुराना ‘राग’ अलापा कि ओवरब्रिज पास हो चुका है और जल्द बनेगा। लेकिन हकीकत यह है कि यह आश्वासन पिछले कई वर्षों से फतेहपुर की जनता सुन रही है। ज़मीनी स्तर पर न तो ओवरब्रिज की ईंट रखी गई है और न ही जाम से निपटने का कोई तात्कालिक विकल्प तैयार किया गया है।

जाम की ‘त्रिमूर्ति’: बालू लदे ट्रक, लापरवाह बाइक सवार और सोया हुआ प्रशासन

पहाड़पुर रेलवे फाटक पर लगी जाम

इस भीषण जाम के पीछे तीन मुख्य कारण उभर कर सामने आ रहे हैं:

  1. बालू माफिया का तांडव: मुहाने नदी से बालू की ढुलाई करने वाले भारी ट्रकों ने फतेहपुर बजरंग बली मंदिर से जम्हेता मोड़ तक की सड़क को ‘ट्रक यार्ड’ बना दिया है। ये ट्रक दिन-रात सड़क घेरे रहते हैं।
  2. ट्रैफिक नियमों की धज्जियाँ: जाम में रही-सही कसर वे बाइक सवार पूरी कर देते हैं जिन्हें न तो ट्रैफिक नियमों की परवाह है और न ही कानून का डर।
  3. प्रशासनिक विफलता: झंडा चौक से फतेहपुर थाना महज 250 मीटर की दूरी पर है। इसके बावजूद बाज़ार और चौराहे पर पुलिस नदारद रहती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस का डंडा सिर्फ हेलमेट जांच और चालान काटने के लिए निकलता है, जाम खुलवाने के लिए नहीं।

मरीज और बच्चे बन रहे बलि का बकरा

झंडा चौक पर लगी जाम

इस भीषण गर्मी में जब पारा आसमान छू रहा है, तब एंबुलेंस में कराहते मरीज और स्कूल बस में पसीने से तर-बतर मासूम बच्चे घंटों इस जाम में फंसे रहते हैं। कभी-कभार RPF के जवान डंडा लेकर फाटक पर दिखते जरूर हैं, लेकिन उनके जाते ही स्थिति पुनः ‘जस की तस’ हो जाती है।

मुख्य बाजार का भी बुरा हाल

समस्या सिर्फ रेलवे फाटक तक सीमित नहीं है। फतेहपुर का मुख्य बाजार स्थित झंडा चौक भी पूरे दिन जाम की गिरफ्त में रहता है। स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों का कहना है कि अगर पुलिस प्रशासन सक्रिय हो जाए, तो स्थिति काफी हद तक सुधर सकती है, लेकिन पुलिस की निष्क्रियता ने इस समस्या को लाइलाज बना दिया है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि ट्रकों को सुबह से रात 10 बजे तक प्रतिबंधित करना चाहिए।

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