मगध अपडेट बिहार राजनीति क्राइम शिक्षा खेल नौकरी धर्म

नीतीश युग का अंत, सम्राट युग की शुरुआत: कल लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ

On: Tuesday, April 14, 2026 4:46 PM

न्यूज डेस्क

पटना: बिहार की राजनीति में एक युगांतकारी बदलाव की दस्तक दे दी गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज अपनी अंतिम कैबिनेट बैठक के बाद इस्तीफा दे दिया। इसके साथ ही भाजपा के वरिष्ठ नेता और वर्तमान उपमुख्यमंत्री **सम्राट चौधरी** बिहार के पहले भाजपा मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। कल यानी 15 अप्रैल 2026 को सुबह 11 बजे राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह होगा। यह पहला मौका होगा जब बिहार में भाजपा अपना मुख्यमंत्री देगी।

सम्राट चौधरी: जीवनी और पारिवारिक पृष्ठभूमि

सम्राट चौधरी (उर्फ राकेश कुमार) का जन्म 16 नवंबर 1968 को मुंगेर जिले के लखनपुर गांव (तरापुर प्रखंड) में हुआ। वे कोइरी (कुशवाहा) समुदाय से ताल्लुक रखते हैं, जो बिहार की पिछड़ी जातियों में प्रभावशाली मानी जाती है। उनके पिता शकुनी चौधरी समता पार्टी के संस्थापक सदस्य थे और सात बार विधायक व सांसद रह चुके हैं। मां पार्वती देवी तरापुर से विधायक रह चुकी हैं। इस राजनीतिक परिवार की विरासत ने सम्राट को शुरुआती उम्र से ही राजनीति की बारीकियां सिखाईं।

वे मधुरै कामराज विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं और डॉक्टरेट (डी.लिट.) की मानद उपाधि भी प्राप्त है। हालांकि उनके शैक्षणिक योग्यता को लेकर कभी-कभी विवाद उठते रहे हैं, लेकिन उन्होंने हमेशा प्रशासनिक अनुभव और क्षेत्रीय जुड़ाव को अपनी ताकत बताया है। सम्राट विवाहित हैं, उनकी पत्नी का नाम ममता कुमारी है और उनके एक पुत्र व एक पुत्री हैं।

राजनीतिक सफर: शुरुआत से अब तक

सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर 1990 के दशक की शुरुआत से जुड़ा है। उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) से अपनी राजनीतिक पारी शुरू की। 1999 में राबड़ी देवी सरकार में वे कृषि मंत्री बने। 2000 और 2010 में वे परबत्ता विधानसभा सीट से दो बार विधायक चुने गए। 2014 में उन्होंने जेडीयू सरकार (जीतन राम मांझी) में शहरी विकास और आवास मंत्री (साथ ही स्वास्थ्य मंत्री) का पद संभाला।

2014 के आसपास उन्होंने आरजेडी में बगावत की कोशिश की और 13 विधायकों के साथ अलग गुट बनाने का प्रयास किया, जिसके बाद वे भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा में उन्होंने तेजी से तरक्की की — पहले राज्य उपाध्यक्ष बने, फिर 2020 में विधान परिषद सदस्य चुने गए। 2022 में वे विधान परिषद में विपक्ष के नेता बने। मार्च 2023 में उन्हें बिहार भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया (जुलाई 2024 तक)।

28 जनवरी 2024 को नीतीश कुमार की NDA सरकार में वे उपमुख्यमंत्री बने (विजय कुमार सिन्हा के साथ)। 2025 बिहार विधानसभा चुनाव में उन्होंने तरापुर से जीत हासिल की और दूसरी बार उपमुख्यमंत्री बने। नवंबर 2025 से उन्होंने गृह मंत्रालय भी संभाला, जो पहले हमेशा मुख्यमंत्री के पास रहता था। अब 15 अप्रैल 2026 को वे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।

कार्यशैली: आक्रामक, संगठनात्मक और विकास-केंद्रित

सम्राट चौधरी को आक्रामक और स्पष्टवादी नेता माना जाता है। वे संगठन-निर्माण में माहिर हैं और बड़े कार्यक्रमों के आयोजन में अपनी कुशलता के लिए जाने जाते हैं। उपमुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने वित्त मंत्री के तौर पर 2.79 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड बजट पेश किया (13 फरवरी 2024)। इसमें राज्य की विकास दर 10.64% बताई गई और दावा किया गया कि 2.5 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठे हैं। उन्होंने 30,547 सरकारी पदों का सृजन कर रोजगार देने का वादा पूरा किया।

पंचायती राज, शहरी विकास, स्वास्थ्य, उद्योग और पशुपालन जैसे महत्वपूर्ण विभागों को संभालते हुए उन्होंने प्रशासनिक सुधारों पर जोर दिया। गृह मंत्री के रूप में वे कानून-व्यवस्था और सीमा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सक्रिय रहे। उनकी कार्यशैली ओबीसी चेहरे के रूप में भाजपा की छवि को मजबूत करने वाली रही है। वे विकास, जातीय समीकरण और भाजपा की विचारधारा (जैसे लव जिहाद और घुसपैठ विरोध) को साथ लेकर चलते हैं। हालांकि उनके राजनीतिक सफर में कुछ विवाद भी रहे हैं, लेकिन उनकी क्षेत्रीय पकड़ और संगठनात्मक क्षमता उन्हें मजबूत बनाती है।

उपमुख्यमंत्री कौन होंगे?

नई सरकार में दो उपमुख्यमंत्री रहने की संभावना है, जैसा कि पिछले NDA गठबंधन में था।
विजय कुमार सिन्हा (भाजपा) का नाम लगभग तय माना जा रहा है — वे पहले से उपमुख्यमंत्री हैं और संगठन में मजबूत पकड़ रखते हैं।
निशांत कुमार (नीतीश कुमार के पुत्र, जेडीयू) का नाम भी गठबंधन संतुलन बनाए रखने के लिए चर्चा में है।

पूर्ण मंत्रिमंडल और उपमुख्यमंत्री की आधिकारिक घोषणा शपथ ग्रहण के समय होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के शपथ समारोह में शामिल होने की संभावना है।

सम्राट चौधरी का मुख्यमंत्री बनना बिहार में भाजपा के लिए नया अध्याय है। उनका राजनीतिक अनुभव, पिछड़ी जातियों में पकड़ और विकास-केंद्रित कार्यशैली उन्हें इस पद के लिए उपयुक्त बनाती है। बिहार के भविष्य में विकास, रोजगार और कानून-व्यवस्था पर उनका फोकस रहेगा — यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment

📰 Latest:
आपका स्मार्ट मीटर, आपका फैसला: अब उपभोक्ताओं को मिला प्रीपेड या पोस्टपेड चुनने का अधिकार | बेलागंज: पाली गांव में नेवारी के पुंज में लगी भीषण आग, जिला मुख्यालय से बुलाई गईं दमकल की गाड़ियां | जम्हेता में गूंजा बाबा साहेब का अमर संदेश: शिक्षा के संकल्प के साथ मनाई गई डॉ. अंबेडकर की 135वीं जयंती | नीतीश युग का अंत, सम्राट युग की शुरुआत: कल लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ | गयाजी में गूँजा बाबा साहेब का संदेश: अंबेडकर पार्क में जुटे अधिकारी और जनमानस, संकल्पों के साथ मनाई गई 135वीं जयंती | प्राथमिक विद्यालय मायापुर में मनाई गई संविधान निर्माता डॉ. अंबेडकर की 135वीं जयंती | शेरघाटी में 75 लाख की लागत से मिट्टी जांच प्रयोगशाला शुरू, कृषि मंत्री ने किया डिजिटल उद्घाटन | मगध का गौरव: लंदन की ब्रिटिश संसद में सम्मानित होंगे गया के डॉ. राघवेंद्र कुमार | पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: संत रामपाल जी महाराज को देशद्रोह के मामले में मिली जमानत | सिस्टम की संवेदनहीनता ने ली पीडीएस विक्रेता की जान: वजीरगंज गोदाम प्रबंधक पर हत्या का मुकदमा चलाने की उठी मांग |