बेलागंज। बिहार के गया जिले के बेलागंज थाना क्षेत्र में बच्चा चोर की अफवाह ने एक बार फिर हिंसक रूप ले लिया। शुक्रवार को खनेटा गांव के समीप ग्रामीणों ने एक निर्दोष व्यक्ति को बच्चा चोर समझकर उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। गनीमत रही कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँच गई और व्यक्ति को भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर थाने ले आई।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित व्यक्ति उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले हैं। उनकी पत्नी बेलागंज प्रखंड के ही एक विद्यालय में शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं और वे बेला स्टेशन के पास किराए के मकान में रहते हैं।
शुक्रवार को उक्त व्यक्ति अपनी चार पहिया गाड़ी से कहीं जा रहे थे। इसी दौरान खनेटा गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) के किनारे एक दुकान पर कुछ सामान खरीदने के लिए रुके। वहां खड़े दो-तीन बच्चों को उन्होंने प्यार से चॉकलेट देना शुरू किया। इसी बात को लेकर स्थानीय ग्रामीण संदिग्ध हो गए और ‘बच्चा चोर’ होने का शोर मचा दिया। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और लोगों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी।
भाषा के अंतर ने बढ़ाया शक
बेलागंज थानाध्यक्ष मनोज कुमार पांडे ने बताया कि पुलिसिया जांच और सत्यापन में मामला पूरी तरह अफवाह का निकला। थानाध्यक्ष के मुताबिक उक्त व्यक्ति स्नेहवश बच्चों को चॉकलेट दे रहे थे। जब ग्रामीणों ने उनसे पूछताछ की, तो उनकी भाषा (यूपी का लहजा) अलग होने के कारण ग्रामीण उनकी बात समझ नहीं पाए और शक मारपीट में बदल गया।
पुलिस ने थाने में कागजी सत्यापन के बाद पाया कि वह व्यक्ति पूरी तरह निर्दोष हैं और बेलागंज में ही तैनात एक शिक्षिका के पति हैं।
पुलिस की अपील: अफवाहों पर न दें ध्यान
इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। थानाध्यक्ष ने आम जनता से अपील की है कि:
- सोशल मीडिया या आस-पास फैल रही किसी भी बच्चा चोर की अफवाह पर भरोसा न करें।
- यदि कोई अपरिचित व्यक्ति संदिग्ध लगता है, तो कानून हाथ में न लें।
- किसी भी संदेहास्पद स्थिति में तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दें।
मगध लाइव न्यूज अपने पाठकों से अपील करता है कि अफवाहों से दूर रहें और कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।






